गैस संकट के बीच भारत को मिला नया साथी, ऊर्जा सप्लाई के लिए कनाडा का बड़ा ऑफर

गैस संकट के बीच भारत को मिला नया साथी, ऊर्जा सप्लाई के लिए कनाडा का बड़ा ऑफर

दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा सप्लाई एक बड़ी चिंता बन गई है। इसी बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। latest update के मुताबिक कनाडा ने भारत को LNG (Liquefied Natural Gas) सप्लाई करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों पर भी पड़ा है, जहां LPG और नैचुरल गैस की उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

2. भारत में एलपीजी की मांग कितनी बड़ी है?

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां एलपीजी की खपत तेजी से बढ़ रही है। Official details के अनुसार देश हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल करता है।

इसमें से

करीब 87% गैस घरेलू उपयोग में जाती है

लगभग 13% गैस होटल, रेस्तरां और अन्य कमर्शियल सेक्टर में इस्तेमाल होती है

एक अहम तथ्य यह भी है कि भारत अपनी करीब 62% एलपीजी जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। यही वजह है कि वैश्विक सप्लाई में हल्का सा भी बदलाव देश की ऊर्जा रणनीति पर असर डाल सकता है।

3. कनाडा ने दिया LNG सप्लाई का प्रस्ताव

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने हाल ही में कहा कि उनका देश एक “एनर्जी सुपरपावर” के तौर पर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने बताया कि भारत की ऊर्जा मांग 2040 तक लगभग दोगुनी हो सकती है। ऐसे में कनाडा जैसे स्थिर और संसाधन-समृद्ध देश भारत के लिए भरोसेमंद साझेदार साबित हो सकते हैं।

4. कम कार्बन उत्सर्जन वाली गैस पर जोर

कनाडाई प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में Narendra Modi के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि कनाडा दुनिया में कम कार्बन उत्सर्जन वाली और भरोसेमंद तरीके से उत्पादित LNG की सप्लाई करता है।

यह गैस एशिया और यूरोप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है, जैसे:

बिजली उत्पादन

औद्योगिक ईंधन

घरों और संस्थानों में हीटिंग

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कतर जैसे देशों से होने वाली गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और सप्लाई पैटर्न में बदलाव देखने को मिला है।

5. भारत की भविष्य की ऊर्जा रणनीति

भारत आने वाले वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सरकार की योजना है कि इस दशक के अंत तक देश की renewable energy capacity 500 गीगावाट तक पहुंचाई जाए।

इसके साथ ही भारत अपने कुल ऊर्जा मिश्रण में LNG की हिस्सेदारी भी लगभग दोगुनी करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कोयले पर निर्भरता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेज़ी से बदलाव संभव होगा।

6. महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई की भी पेशकश

कनाडा ने सिर्फ गैस ही नहीं बल्कि महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) की सप्लाई में भी सहयोग की बात कही है।

क्लीन टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों के लिए इन खनिजों की काफी जरूरत होती है। कनाडा इस क्षेत्र में मजबूत माना जाता है क्योंकि दुनिया की करीब 40% माइनिंग कंपनियां वहीं सूचीबद्ध हैं।

7. भारत ऊर्जा आयात में ला रहा विविधता

भारत सरकार भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के अनुसार देश अब ऊर्जा आयात के स्रोतों को सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रख रहा है।

सरकार अलग-अलग देशों और सप्लाई रूट्स के जरिए ईंधन आयात बढ़ा रही है, ताकि किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर घरेलू सप्लाई प्रभावित न हो।

निष्कर्ष

वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के इस दौर में कनाडा का LNG सप्लाई प्रस्ताव भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे न केवल गैस की उपलब्धता बेहतर हो सकती है, बल्कि भारत को भविष्य की ऊर्जा रणनीति में एक भरोसेमंद साझेदार भी मिल सकता है।

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