15 साल तक करनी है SIP? बिना टेंशन मोटा पैसा बनाने के लिए यह है सबसे आसान तरीका!
लंबे समय में अच्छी वेल्थ बनाने के लिए सिर्फ लगातार निवेश करना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही म्यूचुअल फंड Mutual fund चुनना भी उतना ही जरूरी होता है. अक्सर जब निवेशक अपने पोर्टफोलियो Portfolio में नया फंड fund जोड़ने की सोचते हैं, तो वे कन्फ्यूज हो जाते हैं.खासकर तब, जब उनके सामने एक्टिवली मैनेज्ड फंड fund और फैक्टर-बेस्ड इंडेक्स फंड जैसे अलग-अलग विकल्प होते हैं. ऐसे में अगर कोई अगले 15 साल Year के लिए हर महीने mahine 10 से 15 हजार रुपये rupye की SIP शुरू करना चाहता है, तो यह समझना जरूरी है कि कहां निवेश करने पर अच्छा खासा फंड Fund तैयार हो सकता है.
एक्सपर्ट export के मुताबिक इस समय दो फंड्स fund’s अच्छे नजर आ रहा है. पहला है निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड औरदूसरी है एडलवाइस निफ्टी 500 मल्टीकैप मोमेंटम क्वालिटी 50 इंडेक्स फंड. ये दोनों मल्टीकैप कैटेगरी category में आते हैं, लेकिन इनका काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है.
‘फैक्टर फंड’ या रिसर्च पर आधारित ‘एक्टिव फंड’?
निप्पॉन इंडिया मल्टीकैप फंड fund एक एक्टिवली मैनेज्ड स्कीम scheme है, जिसमें फंड fund मैनेजर maneger अपनी रिसर्च के आधार पर निवेश करता है. नियमों के मुताबिक इस फंड fund को लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप cump में कम से कम 25-25 प्रतिशत निवेश करना जरूरी होता है, जबकि बाकी 25 प्रतिशत पैसा फंड fund मैनेजर maneger अपनी समझ और बाजार की स्थिति के हिसाब से कहीं भी लगा सकता है. इसमें कोई तय फॉर्मूला formula नहीं होता, बल्कि फंड fund हाउस की रिसर्च के आधार पर कंपनियों company का चुनाव election किया जाता है
दूसरी तरफ, एडलवाइस का फैक्टर-बेस्ड इंडेक्स फंड fund एक तय नियम (रूल-बेस्ड) रणनीति पर काम करता है. यह फंड 500 कंपनियों company के एक बड़े समूह में से सिर्फ 50 ऐसे शेयर share चुनता है, जो ‘मोमेंटम’ और ‘क्वालिटी’ के पैमानों पर खरे उतरते हैं. आसान भाषा में समझें तो यह एक गणितीय फिल्टर की तरह काम करता है, जो बाजार market के रुझानों के हिसाब से अपने आप शेयर छांटता है. हालांकि, यह तरीका काफी व्यवस्थित है, लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव के समय इसमें जोखिम और वोलैटिलिटी (Volatility) थोड़ी ज्यादा हो सकती है.
आम निवेशक के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
हर्षवर्धन रूंगटा की स्पष्ट सलाह है कि दोनों फंड्स Fund’s के निवेश का नजरिया बुनियादी तौर पर अलग है. जो निवेशक ‘फैक्टर इन्वेस्टिंग’ की बारीकियों को गहराई से समझते हैं और बाजार market के उतार-चढ़ाव से घबराते नहीं हैं, वे एडलवाइस के इंडेक्स विकल्प पर विचार कर सकते हैं. वहीं, उन आम निवेशकों के लिए जो सादगी पसंद करते हैं और निवेश की जटिलताओं में नहीं पड़ना चाहते, ‘निप्पॉन इंडिया’ जैसे एक्टिवली मैनेज्ड मल्टीकैप फंड fund को पोर्टफोलियो Portfolio में जोड़ना ज्यादा सुरक्षित और समझदारी भरा कदम हो सकता है. 15 साल Year के लंबे नजरिए के लिए सबसे जरूरी यह है कि आप अपने जोखिम लेने की क्षमता को पहचानें, गैर-जरूरी उलझनों से बचें और बाजार के हर दौर में अपने निवेश को लगातार जारी रखें. यही लंबी अवधि में बड़ी पूंजी बनाने का असली मंत्र है.