बिग ब्रेकिंग न्यूज: शिक्षामित्रों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से आया बड़ा व महत्वपूर्ण आर्डर, देखिए

बिग ब्रेकिंग न्यूज: शिक्षामित्रों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से आया बड़ा व महत्वपूर्ण आर्डर, देखिए

 

 

 

 

 

क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ता निखत फिरदौस ने केंद्र सरकार सहित चार अन्य पक्षों के खिलाफ याचिका दाखिल की है। याचिका में मुख्य रूप से शिक्षामित्रों के नियमितीकरण (Regularization) और समान वेतन (Equal Salary) की मांग उठाई गई है।

⚖️ कोर्ट में क्या हुआ?

कोर्ट ने याचिकाकर्ता और राज्य सरकार की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनीं।

  • याचिकाकर्ता की ओर से: राजेश्वर सिंह
  • प्रतिवादी की ओर से:
    • ए.एस.जी.आई. आशीष कुमार (नागवंशी)
    • सी.एस.सी. शिवेंद्र कुमार सिंह

📊 याचिका में रखी गई प्रमुख मांगें

🟢 1. नियमितीकरण और समान वेतन की मांग

याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि:

  • शिक्षामित्रों को स्थायी पद (Substantive Post) देकर नियमित किया जाए
  • उन्हें सहायक अध्यापक (Assistant Teacher) के बराबर वेतन दिया जाए

👉 इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया गया है, जैसे:

  • Jaggo vs Union of India (2024)
  • Shripal vs Nagar Nigam Ghaziabad (2025)
  • Sripal Dharam Singh vs State of UP (2025)

🟢 2. लंबित प्रार्थना पत्र पर निर्णय

  • 20 मई 2025 को दिए गए आवेदन पर सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है
  • इसमें भी नियमितीकरण और समान वेतन की बात शामिल है

🟢 3. अन्य उचित आदेश की मांग

  • कोर्ट से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उचित आदेश पारित किया जाए

📢 क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?

  • यह केस प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों से जुड़ा हुआ है
  • अगर कोर्ट से सकारात्मक निर्णय आता है तो
    👉 नियमितीकरण का रास्ता खुल सकता है
    👉 वेतन में बड़ा बदलाव संभव है

🔍 निष्कर्ष

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल यह याचिका शिक्षामित्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब सभी की नजर कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हुई है।

 

Leave a Comment