सोशल मीडिया पोस्ट और अनुशासनहीनता पर शिक्षक निलंबित, विभागीय कार्रवाई तेज, देखें आदेश
शाहजहांपुर : कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, शाहजहांपुर से जारी पत्रांक संख्या बेसिक/94-98/2026-27 के अनुसार एक शिक्षक के खिलाफ गंभीर आरोपों के चलते विभागीय कार्रवाई की गई है।
जारी निर्देश के मुताबिक, श्री विनीत कुमार गंगवार, सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खंड भावलखेड़ा, जनपद शाहजहांपुर द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा की जा रही थी। इन पोस्टों में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद नियमावली 1956 की धाराओं 3-5, 5-6 एवं 6 का उल्लंघन बताया गया है, जिससे शासन, जिला प्रशासन, विभागीय उच्चाधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध गलत आरोप लगाए गए।
पत्र में उल्लेख है कि शिक्षक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, व्हाट्सएप मो. 9236537473) पर अपलोड की गई पोस्ट से यह स्पष्ट होता है कि वे लगातार शासन, जिला प्रशासन, उच्चाधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति व्यक्तिगत द्वेष भावना से प्रेरित होकर गलत आरोप लगा रहे हैं और विभाग की छवि धूमिल कर रहे हैं। यह आचरण न केवल अशोभनीय है बल्कि सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाला भी है।
इस संबंध में श्री इंद्रपाल सिंह, कंपोजिट विद्यालय सिसैया सहसपुर, विकास खंड पुवायां द्वारा थाना सदर बाजार में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 193 एवं आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा जांच में भी आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर अभियुक्त के खिलाफ धारा 308(2)/351(2) के तहत कार्रवाई की गई।
आरोप है कि शिक्षक द्वारा दो महिला शिक्षिकाओं के विरुद्ध भी असत्य आरोप लगाकर विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किया गया, जिससे विद्यालय का वातावरण प्रभावित हुआ। इसके अतिरिक्त, शिक्षक द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को बार-बार फोन कर अनावश्यक दबाव बनाने और कार्य में बाधा डालने की कोशिश भी की गई।
विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- पत्रांक बेसिक/8955-63/2024-25 दिनांक 21.12.2024
- पत्रांक बेसिक/8770-78/2025-26 दिनांक 01.09.2025
- पत्रांक बेसिक/9343-46/2025-26 दिनांक 12.09.2025
- पत्रांक बेसिक/9759-67/2025-26 दिनांक 18.09.2025
- पत्रांक बेसिक/10599-607/2025-26 दिनांक 30.09.2025
इन सभी नोटिसों के बावजूद संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।
इसके अलावा, कार्यालय पत्रांक बेसिक-18405-08/दिनांक 24 जनवरी 2026 के माध्यम से शिक्षक को अंतिम अवसर देते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।
31 जनवरी 2026 को अपराह्न 02:50 बजे निरीक्षण के दौरान भी पाया गया कि विद्यालय में वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी, जिसे अधिकारियों द्वारा रोकने पर भी शिक्षक द्वारा सहयोग नहीं किया गया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
निष्कर्ष:
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि संबंधित शिक्षक का आचरण विभागीय अनुशासन के विपरीत है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है तथा कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है। इस कारण विभाग द्वारा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।
