UP में फर्जी तरीके से नियुक्त शिक्षकों के मामले में दोबारा होगी जांच, बेसिक शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश

UP में फर्जी तरीके से नियुक्त शिक्षकों के मामले में दोबारा होगी जांच, बेसिक शिक्षा विभाग ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag ने गुरुवार को हुई वर्चुअल बैठक में फर्जी अभिलेख fake document पर नियुक्त शिक्षकों Teacher’s के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों District को दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।विभाग vibhag का दावा है कि फिलहाल कोई भी शिक्षक teacher फर्जी प्रमाणपत्र पर कार्यरत नहीं है, फिर भी सतर्कता बरतते हुए दोबारा पड़ताल कराने को कहा गया है। कई जिलों District द्वारा फर्जी शिक्षकों Teacher’s की संख्या शून्य बताने पर भी विभाग vibhag ने इसे गंभीरता से लिया है और विस्तृत सूची एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक meeting में सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों BSA ने हिस्सा लिया। इसमें विद्यांजलि पोर्टल की प्रगति, डीबीटी DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) योजनाओं की स्थिति, आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश, आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों, विभिन्न कोर्ट केसों Court Case और विद्यालयों vidyalaya की मान्यता से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।

आरटीई के तहत जिन बच्चों को सीट आवंटित हो चुकी है, उनका शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही नई मान्यता से जुड़े मामलों का हर माह mahine समय से निस्तारण करने को कहा गया। यह भी बताया गया कि मान्यता के लिए 31 दिसंबर December तक आवेदन किए जा सकते हैं।

बैठक meeting में स्कूल चलो अभियान School chalo abhiyan की प्रगति की भी समीक्षा हुई और इसे प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों Teacher’s और कर्मचारियों karmchariyon के लंबित भुगतान को शीघ्र निपटाने पर भी जोर दिया गया।

वर्चुअल बैठक में बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल, एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार और उपनिदेशक संजय उपाध्याय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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