सरकारी स्कूलों में अब नहीं मिलेंगे नंबर, योगी सरकार ने लागू की ‘ग्रेडिंग’ वाली नई रिपोर्ट कार्ड व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों (Primary and Upper Primary Schools) के मूल्यांकन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब छात्रों को मिलने वाले रिपोर्ट कार्ड में केवल अंक (Marks) नहीं, बल्कि ग्रेड (Grades) प्रमुखता से दिखाई देंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेशानुसार, यह कदम बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा के तनाव को कम करने और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
| प्राप्तांक प्रतिशत (%) | ग्रेड (Grade) | प्रदर्शन स्तर |
|---|---|---|
| 91 – 100 | A+ | उत्कृष्ट (Outstanding) |
| 81 – 90 | A | बहुत अच्छा (Very Good) |
| 71 – 80 | B+ | अच्छा (Good) |
| 61 – 70 | B | संतोषजनक (Satisfactory) |
| 51 – 60 | C+ | औसत से ऊपर (Above Average) |
| 41 – 50 | C | औसत (Average) |
| 33 – 40 | D | सुधार की आवश्यकता |
| 32 से कम | E | विशेष सहायता की आवश्यकता |
इस नई व्यवस्था की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
1. रिपोर्ट कार्ड का नया स्वरूप
अब रिपोर्ट कार्ड केवल शैक्षणिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें छात्रों के निम्नलिखित पहलुओं को शामिल किया जाएगा:
शैक्षणिक प्रदर्शन: विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर ग्रेड।
सह-पाठ्यगामी गतिविधियाँ: खेल, कला, संगीत और अन्य गतिविधियों में भागीदारी।
जीवन कौशल और व्यवहार: छात्र का आचरण, अनुशासन और टीम वर्क।
2. ग्रेडिंग सिस्टम का आधार
छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है (सामन्यतः अपनाई जाने वाली ग्रेडिंग)
3. इस बदलाव का उद्देश्य
तनाव कम करना: अंकों की अंधी दौड़ को खत्म कर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना।
होलिस्टिक डेवलपमेंट (सर्वांगीण विकास): केवल रटने के बजाय कौशल और व्यवहार को महत्व देना।
पारदर्शिता: अभिभावकों को स्पष्ट रूप से पता चलेगा कि उनका बच्चा किस क्षेत्र में मजबूत है और कहाँ उसे मदद की जरूरत है।
मानकीकरण: सभी परिषदीय स्कूलों में मूल्यांकन की एक समान और आधुनिक प्रणाली लागू करना।
4. शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका
शिक्षकों के लिए: अब उन्हें केवल कॉपियां नहीं जांचनी होंगी, बल्कि प्रत्येक बच्चे के व्यक्तित्व और व्यवहार का सूक्ष्म अवलोकन कर उसे रिपोर्ट कार्ड में दर्ज करना होगा।
अभिभावकों के लिए: उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि ग्रेड का अर्थ क्या है और वे अपने बच्चों को प्रोत्साहित कर सकेंगे।
नोट: महानिदेशक के आदेशानुसार, इन रिपोर्ट कार्ड्स का वितरण सत्र की समाप्ति पर आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) में किया जाएगा ताकि शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा संवाद हो सके।