प्रधानाध्यापक के सत्यापन के बाद ही मिलेगी सफाई कर्मचारी की सैलरी, कागज़ों में नहीं, स्कूल में दिखनी चाहिए सफाई!
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद से विद्यालयों की सफाई व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। अब विद्यालयों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का भुगतान प्रधानाध्यापक के सत्यापन और हस्ताक्षर के बाद ही किया जाएगा।
इस आदेश का उद्देश्य स्कूलों में साफ-सफाई व्यवस्था को केवल कागज़ों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक रूप से लागू करना बताया जा रहा है। लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं कि कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था नियमित नहीं रहती, जबकि भुगतान लगातार होता रहता है। ऐसे में अब प्रधानाध्यापक की जवाबदेही भी तय होगी और कार्य की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।
यदि यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है तो विद्यालय परिसर, शौचालय और कक्षाओं की स्वच्छता में सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि सफाई कर्मचारी वास्तव में विद्यालय में कार्य कर रहे हैं या नहीं।
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इससे प्रधानाध्यापकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई लोग इसे जवाबदेही तय करने वाला सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
अब चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि क्या ऐसा आदेश प्रदेश के सभी जिलों में लागू होना चाहिए, ताकि हर विद्यालय में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो सके।