रोटी-दूध मांगने पर छात्र की पिटाई, DM के सख्त निर्देश पर प्रधानाध्यापक निलंबित

रोटी-दूध मांगने पर छात्र की पिटाई, DM के सख्त निर्देश पर प्रधानाध्यापक निलंबित

अमृतपुर: उत्तर प्रदेश के अमृतपुर क्षेत्र से सरकारी स्कूल की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और मिड-डे मील योजना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रानीगांव बली पट्टी प्राथमिक विद्यालय में एक छात्र को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीट दिया गया क्योंकि उसने खाने में दो रोटी और थोड़ा अतिरिक्त दूध मांग लिया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और जिलाधिकारी (DM) डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर आरोपी प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, घटना बीते बुधवार की है। विद्यालय में मिड-डे मील का वितरण किया जा रहा था। इसी दौरान एक छात्र ने प्रभारी प्रधानाध्यापक नीलम अग्निहोत्री से खाने में अतिरिक्त रोटी और दूध देने की मांग की। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर प्रधानाध्यापक ने छात्र की पिटाई कर दी।
घटना के बाद छात्र के परिजन काफी आक्रोशित हो गए और उन्होंने शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बच्चे को मामूली बात पर बुरी तरह मारा गया, जिससे वह मानसिक रूप से भी डर गया है।
जांच में सही पाए गए आरोप

मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विश्वनाथ प्रताप सिंह ने राजेपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) राजीव कुमार श्रीवास्तव को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान विद्यालय के कर्मचारियों, ग्रामीणों और छात्र के परिजनों से पूछताछ की गई।
बीईओ की रिपोर्ट में छात्र के साथ मारपीट की पुष्टि हुई और प्रभारी प्रधानाध्यापक को दोषी पाया गया। रिपोर्ट मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

बीएसए ने किया निलंबित
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने शुक्रवार को तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक नीलम अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें राजेपुर बीआरसी (BRC) से संबद्ध किया गया है, जहां उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मीडिया से बातचीत में कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मिड-डे मील योजना और सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, न कि भोजन मांगने पर मारपीट।
फिलहाल प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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