भीषण गर्मी और लू की तपिश में झुलस रहा उत्तर प्रदेश: दुनिया के सबसे गर्म शहरों में यूपी का दबदबा
उत्तर प्रदेश इस समय प्रकृति के सबसे रौद्र रूप का सामना कर रहा है। बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल और मध्य से लेकर पश्चिमी यूपी तक, पूरे राज्य में आसमान से आग बरस रही है। स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के टॉप 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में अकेले 40 शहर उत्तर प्रदेश के हैं। राज्य के एक दर्जन से अधिक जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बांदा बना दुनिया का सबसे गर्म शहर: आखिर क्यों उबल रहा है बुंदेलखंड?
इस भीषण गर्मी के बीच बांदा जिला लगातार चौथे दिन दुनिया का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया है। बुधवार को यहाँ का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। बांदा के अलावा लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर, चित्रकूट, आगरा, कानपुर, वाराणसी और फतेहपुर जैसे जिलों में सुबह से ही चलने वाली गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है।
क्या है बांदा और यूपी में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह?
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, इस अप्रत्याशित गर्मी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं:
कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances): इस बार मौसम को संतुलित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ काफी कमजोर रहा है।
शुष्क और गर्म हवाएं: शुष्क हवाओं के लगातार प्रवाह के कारण प्रदेश में गर्मी के तेवर इतने तल्ख हो गए हैं कि बांदा सिर्फ देश या एशिया में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म स्थान बन चुका है।
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के 11 जिलों में लू (Heatwave) का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि फिलहाल 25 मई तक इस तपिश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव, बिजली-पानी का संकट गहराया
इस जानलेवा गर्मी का सीधा असर अब स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं पर दिखने लगा है:
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की तादाद: सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आने और बेहोशी के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। डॉक्टरों ने विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की हिदायत दी है।
बिजली-पानी की रिकॉर्ड मांग: गर्मी बढ़ते ही राज्य में पानी की किल्लत शुरू हो गई है और बिजली की खपत अब तक के अपने उच्चतम स्तर (पीक लेवल) पर पहुंच गई है, जिससे कई इलाकों में ट्रिपिंग और कटौती की समस्या भी खड़ी हो रही है।
“तापमान में अभी और भी बढ़ोतरी हो सकती है। सीधी धूप और लू से लोगों को बचना चाहिए। दोपहर के समय घरों में ही रहें और यदि किसी मजबूरी में बाहर निकलना भी पड़े, तो शरीर को पूरी तरह से ढककर ही निकलें।”
— दिनेश साहा, मौसम विज्ञानी, बांदा
डॉक्टर की सलाह: लू और हीट स्ट्रोक से खुद को कैसे बचाएं?
इस आपातकाल जैसे मौसम में खुद को स्वस्थ रखने के लिए चिकित्सकों ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक के लिए जरूरी है:
1. खान-पान में बरतें ये सावधानियां:
तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं: दिनभर में भरपूर पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें।
खाली पेट बाहर न जाएं: घर से कभी भी खाली पेट न निकलें। थोड़ा बहुत खाकर और पानी पीकर ही बाहर कदम रखें।
हल्का भोजन करें: एक बार में ज्यादा खाने से बचें। मसालेदार, तला-भुना और फास्ट फूड खाने से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है।
2. पहनावे और दिनचर्या में बदलाव:
आरामदायक कपड़े: बाहर निकलते समय ढीले और सूती (कॉटन) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा लगती रहे।
चेहरा और सिर ढकें: धूप में निकलते समय चेहरे और सिर को सूती कपड़े या गमछे से ढकें, और धूप का चश्मा व छाते का प्रयोग जरूर करें।
दोपहर की धूप से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तीखी होती है, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।