यूपी: स्मार्ट प्रीपेड मीटर से भी नहीं रुकी बिजली चोरी, 100 से ज्यादा FIR की तैयारी
यूपी के इस जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बावजूद बिजली चोरी, 2900 उपभोक्ता रडार पर
⚡ स्मार्ट मीटर लगे, फिर भी चोरी नहीं थमी
यूपी के बलिया जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का अभियान तेज़ी से चल रहा है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने जिले में चार लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है।
अब तक चारों बिजली खंडों में करीब 1.20 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि तकनीक बदलने के बाद भी बिजली चोरी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई।
🚨 2900 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए
जांच में सामने आया है कि जिले में करीब 2900 उपभोक्ता स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बाइपास कर बिजली चोरी कर रहे थे।
यह कोई मामूली आंकड़ा नहीं है।
बिजली विभाग ने इन सभी उपभोक्ताओं की पूरी सूची विजिलेंस और प्रवर्तन दल को सौंप दी है।
सूत्रों के मुताबिक, 100 से ज्यादा मामलों में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है।
इस official announcement के बाद जिले में खलबली मच गई है।
⚠️ स्मार्ट मीटर लगाने का काम क्यों अटक रहा है?
बिजली चोरी के मामले सामने आने के बाद एक नई समस्या खड़ी हो गई है।
अब कई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से बच रहे हैं।
जब विभाग की टीम मीटर लगाने पहुंचती है, तो कहीं-कहीं विरोध और बहस की स्थिति बन जाती है।
ऐसे माहौल में तय लक्ष्य को पूरा करना विभाग के लिए आसान नहीं रह गया है।
💡 स्मार्ट मीटर से मिल सकते हैं ये बड़े फायदे
बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को अधिक बिल आने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
उपभोक्ता बिजली निगम के आधिकारिक ऐप से मीटर को कंट्रोल कर सकते हैं
घर में रहने पर बिजली ऑन, बाहर जाते समय ऑफ
कौन-सा उपकरण कितनी बिजली खा रहा है, इसकी रियल-टाइम निगरानी
फाल्ट की स्थिति में दूर बैठे ही सप्लाई ऑन-ऑफ करने की सुविधा
जितने रुपये का रिचार्ज, उतनी ही बिजली खपत
यह सिस्टम ठीक उसी तरह काम करता है, जैसे मोबाइल फोन का प्रीपेड रिचार्ज।
🏁 निष्कर्ष
स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
लेकिन जब तक उपभोक्ता ईमानदारी नहीं दिखाएंगे, तब तक तकनीक भी पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगी।
अब देखना यह है कि विजिलेंस कार्रवाई, important guidelines और सख्ती के बाद बिजली चोरी पर कितनी रोक लग पाती है।