Gold Silver Price Crash: 2 दिन में चांदी ₹1.34 लाख सस्ती, सोना ₹45,000 गिरा
Gold–Silver Price Crash: 2 दिन में चांदी ₹1.34 लाख सस्ती, सोना भी ₹45 हजार लुढ़का कुछ दिन पहले तक रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार में भाग रहे सोने और चांदी के दाम अब अचानक फिसल गए हैं। जो निवेशक ऊंचे भाव देखकर हैरान थे, वही अब गिरावट देखकर सोच में पड़ गए हैं। सिर्फ दो दिनों में चांदी ₹1.34 लाख तक सस्ती हो गई, वहीं सोने के दाम भी करीब ₹45,000 टूट चुके हैं। यह गिरावट मामूली नहीं है।
📉 MCX पर चांदी में लोअर सर्किट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी रविवार को सीधे लोअर सर्किट पर पहुंच गई।भाव ₹26,273 यानी 9% गिरकर ₹2,65,652 प्रति किलो पर बंद हुआ। लगातार दूसरे दिन चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली। कारण साफ है—ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली।
🧾 Silver and Gold Rate Latest Update
रिकॉर्ड हाई के बाद सर्राफा बाजार में अचानक माहौल बदल गया है। रविवार को चांदी में 9% की बड़ी गिरावट सोना करीब 3% टूटकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया निवेशकों ने ऊंचे भाव पर जमकर बिक्री की, जिससे कीमतों पर दबाव और बढ़ गया।
🔙 शुक्रवार को ही टूट चुकी थी चांदी
गिरावट की कहानी शुक्रवार से ही शुरू हो गई थी।शुक्रवार को चांदी ₹1,07,968 (27%) गिरकर ₹2,91,925 प्रति किलो पर बंद हुई दो दिनों में कुल गिरावट ₹1,34,241 यानी 33.6% अगर साप्ताहिक आंकड़े देखें तो— 23 जनवरी के ₹3,34,699 से चांदी अब करीब 21% नीचे आ चुकी है।
🟡 सोने के दाम भी नहीं बचे
सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड दिन के दौरान 9% गिरकर ₹1,38,634 प्रति 10 ग्राम तक फिसला बाद में थोड़ी रिकवरी हुई
अंत में ₹4,241 की गिरावट के साथ ₹1,48,104 पर बंद हुआ पिछले दो दिनों में सोना ₹44,992 सस्ता हो चुका है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि गुरुवार को सोना ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था अगले ही दिन इसमें 17% से ज्यादा की गिरावट आ गई
📊 क्यों गिर रहे हैं Gold–Silver Prices?
JM Financial Services के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च प्रमुख प्रणव मेर के मुताबिक, जब कीमतें बहुत तेज भागती हैं, तो ऐसा सुधार आना स्वाभाविक होता है। उनका कहना है सोना अपने लाइफटाइम हाई से करीब 20% नीचे चांदी अपने टॉप से लगभग 37% फिसल चुकी है
🔮 आगे क्या और सस्ती होंगी कीमतें?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों में और तकनीकी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके बाद बाजार कुछ हद तक स्थिर हो सकता है। निवेशकों के लिए यह समय जल्दबाजी का नहीं, समझदारी से फैसला लेने का है। जो लोग लॉन्ग टर्म सोच रहे हैं, वे official announcement और market guidelines पर नजर बनाए रखें।