बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह जी का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा उन्होंने?
सहारनपुर: प्रदेश Pradesh के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह Sandeep Singh ने कहा कि स्कूल चलो अभियान केवल नामांकन अभियान नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा shiksha की मुख्यधारा से जोड़कर विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का संकल्प है।उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा Shiksha से वंचित नहीं रहना चाहिए। सरकार Government का लक्ष्य प्रत्येक पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ब्लॉक पुंवारका के गांव इस्माइलपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में आयोजित स्कूल चलो अभियान-2026 के द्वितीय चरण के शुभारंभ समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री basic shiksha mantri ने कहा कि प्रदेश सरकार Government ने परिषदीय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया है।
साथ ही शिक्षकों Teacher’s को सम्मान देकर शिक्षा Shiksha व्यवस्था को नई दिशा दी गई है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में लगातार सफल हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल चलो अभियान school chalo abhiyan प्रत्येक वर्ष दो चरणों में संचालित किया जाता है। पहला चरण 1 से 15 अप्रैल April तथा दूसरा चरण 1 से 15 जुलाई July तक चलता है। पहले चरण का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ CM Yogi adityanath ने किया था, जिसके दौरान प्रदेशभर में समाज की भागीदारी से करीब 20 लाख lakh नए बच्चों का नामांकन कराया गया। इसी क्रम में सहारनपुर जनपद में भी लगभग 35 हजार बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा गया।
बेसिक शिक्षा मंत्री basic shiksha mantri ने कहा कि भारी बारिश Rain के बावजूद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार Government बच्चों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नए बच्चों का प्रवेश कराना नहीं, बल्कि तीन वर्ष के बच्चों का बाल वाटिका तथा छह वर्ष के बच्चों का कक्षा एक में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने शिक्षकों Teacher’s से विशेष आग्रह किया कि जो बच्चे किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं, उन्हें फिर से विद्यालय vidyalaya लाकर शिक्षा Shiksha की मुख्यधारा से जोड़ें, ताकि प्रदेश Pradesh का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।