गर्मियों में बिजली बिल से राहत का मौका, पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी लेकर घर की छत पर लगवाएं सोलर पैनल
बढ़ती गर्मी के साथ ही बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने लगती है। पंखे, कूलर और एसी चलने से हर महीने आने वाला बिजली बिल आम लोगों की जेब पर भारी पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ बिजली बिल कम कर सकते हैं
बढ़ती गर्मी के साथ ही बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने लगती है. पंखे, कूलर और एसी चलने से हर महीने आने वाला बिजली बिल आम लोगों की जेब पर भारी पड़ता है. ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है. इस योजना के तहत लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर न सिर्फ बिजली बिल कम कर सकते हैं बल्कि कई मामलों में बिल को शून्य तक भी ला सकते हैं.
लोगों को मिलेगी सस्ती बिजली
गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर इस योजना का लाभ उठा सकता है. सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली पूरे साल घर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है जिससे बिजली बिल में काफी कमी आती है
सीडीओ ने बताया कि गाजियाबाद में अब तक करीब 5000 घरों में सोलर कनेक्शन लगाए जा चुके हैं. जिला प्रशासन का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ें और अपने घरों में सोलर पैनल लगवाएं. इसी को देखते हुए गाजियाबाद में सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए घरों पर सोलर पैनल लगवाना अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे अपने घरों में सोलर पैनल लगवाकर लोगों के लिए एक उदाहरण पेश करें.
जरूरत की उर्जा की होगी पूर्ति
अभिनव गोपाल ने कहा कि इस योजना का लाभ उठाने से सिर्फ आम लोगों की बिजली बिल में बचत नहीं होगी बल्कि देश को भी फायदा मिलेगा. वर्तमान में देश में बड़ी मात्रा में बिजली कोयले से तैयार की जाती है जबकि कोयले का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है. ऐसे में अगर लोग सोलर ऊर्जा का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे तो इससे देश की ऊर्जा जरूरतों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
सरकार इस योजना में बड़ी सब्सिडी भी दे रही है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति 2 किलोवाट का सोलर कनेक्शन लगवाता है तो इसकी कुल लागत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये आती है. जिस पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 90 हजार रुपये की सब्सिडी देती हैं. वहीं 3 किलोवाट का सोलर कनेक्शन लगाने पर लगभग 1 लाख 90 हजार रुपये का खर्च आता है जिस पर सरकार करीब 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी देती है। यह सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है.
ग्राहकों के खाते में जाएगा सब्सिडी
इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होता है. आवेदन के बाद उपभोक्ता को अधिकृत वेंडर का चयन करना होता है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होती है. भुगतान के बाद वेंडर द्वारा घर की छत पर सोलर पैनल लगाया जाता है. इसके बाद बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सत्यापन करती है और प्रक्रिया पूरी होने पर सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में भेज दी जाती है. जिला प्रशासन का कहना है कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठाते हैं तो न सिर्फ उनकी बिजली बिल में बड़ी राहत मिलेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी.