Aadhaar New Update 2026: अब फिंगरप्रिंट नहीं, चेहरे से होगी पहचान

Aadhaar New Update 2026: अब फिंगरप्रिंट नहीं, चेहरे से होगी पहचान

आधार में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी

अब उंगलियों से नहीं, चेहरे से होगी पहचान | AI से फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक

भारत सरकार आधार को पूरी तरह नए दौर में ले जाने की तैयारी कर रही है। पहचान का तरीका बदलने वाला है।

अब फिंगरप्रिंट की जगह चेहरे से पहचान (Facial Recognition) को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार का फोकस साफ है—

पहचान तेज हो।

सुरक्षित हो।

और फ्रॉड की कोई जगह न बचे।

इसी सोच के साथ आधार के तकनीकी ढांचे में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।

क्या है आधार विजन 2032? (Latest Update)

सरकार ने ‘Aadhaar Vision 2032’ नाम का एक अहम दस्तावेज़ पेश किया है।

इसमें साफ लिखा है कि आने वाले वर्षों में आधार को AI, Cloud Computing, Blockchain और Quantum Computing जैसी आधुनिक तकनीकों से मजबूत किया जाएगा।

आज देश में करोड़ों लोग रोज़ाना आधार से अपनी पहचान सत्यापित करते हैं।

डिजिटल सेवाएं बढ़ रही हैं।

साथ ही साइबर फ्रॉड का खतरा भी।

इसी को देखते हुए यह official announcement किया गया है।

आधार में होने वाले 3 बड़े बदलाव

1️⃣ फिंगरप्रिंट की जगह फेस ऑथेंटिकेशन

अब पहचान सिर्फ उंगलियों पर निर्भर नहीं रहेगी।

चेहरे से पहचान ज्यादा आसान, तेज और भरोसेमंद मानी जा रही है।

रोज़ाना करीब 9 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन होते हैं

इनमें से लगभग 1 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन से पूरे हो रहे हैं

सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में हर महीने 100 करोड़ ऑथेंटिकेशन चेहरे की पहचान से हों

यह बदलाव खास तौर पर बुज़ुर्गों और मजदूरों के लिए राहत बन सकता है, जिनके फिंगरप्रिंट अक्सर मैच नहीं होते।

2️⃣ AI से पहचान होगी और भी स्मार्ट

UIDAI के CEO भुवनेश कुमार के मुताबिक,

AI की मदद से फेशियल डेटा के जरिए आधार वेरिफिकेशन को और सरल बनाया जाएगा

अब बार-बार फिंगरप्रिंट देने की झंझट नहीं।

कम गलतियां।

कम समय।

और ज्यादा सुरक्षा।

यानी पहचान वही—तरीका ज्यादा स्मार्ट।

3️⃣ फ्रॉड रोकने के लिए नई टेक्नोलॉजी

Blockchain और Quantum Computing जैसी तकनीकों से

डेटा सिक्योरिटी को अगले स्तर पर ले जाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है—

एक ऐसा पहचान सिस्टम जो

✔ तेज हो

सुरक्षित हो

✔ और फ्रॉड-प्रूफ हो

बच्चों और किशोरों के लिए बड़ी राहत (Government Benefits)

सरकार अब तक 5 करोड़ बच्चों और किशोरों के बायोमैट्रिक अपडेट कर चुकी है।

👉 यह सुविधा सितंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी।

👉 Eligibility: 5 से 15 वर्ष के बच्चे और किशोर

इसका मकसद है कि उम्र के साथ बदलने वाले बायोमैट्रिक डेटा में कोई गड़बड़ी न रहे और भविष्य में आधार से जुड़ी समस्याएं न आएं।

अगले 5 साल का टेक्नोलॉजी रोडमैप

आधार के नए तकनीकी ढांचे को लेकर बनी समिति

अगले महीने अपना ड्राफ्ट तैयार करेगी।

मार्च में रिपोर्ट UIDAI को सौंपी जाएगी

2027 में मौजूदा टेक्नोलॉजी कॉन्ट्रैक्ट खत्म होगा

इसके बाद 2032 तक का नया टेक्निकल फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा

यानी आधार पूरी तरह भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

किन विशेषज्ञों ने तैयार किया यह विजन?

इस महत्वपूर्ण योजना को तैयार करने के लिए

UIDAI चेयरमैन नीलकांत मिश्रा की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी।

इसमें शामिल हैं—

विवेक राघवन (Co-founder, Sarvam AI)

धीरज पांडेय (Founder, Nutanix)

डॉ. पी. पूर्णचंद्रन (Amrita University)

प्रो. अनिल जैन (Michigan State University)

मयंक वत्स (IIT Jodhpur)

निष्कर्ष

आधार अब सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं रहेगा।

यह एक AI-पावर्ड डिजिटल पहचान सिस्टम बनने जा रहा है—

जो तेज होगा, सुरक्षित होगा और भरोसेमंद भी।

आने वाले सालों में यह बदलाव आम लोगों की रोज़मर्रा की डिजिटल जिंदगी को और आसान बना देगा।

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