अब खाद लेने से पहले जरूरी होगी डिजिटल फार्मर आईडी, सरकार का बड़ा फैसला
किसानों के लिए बड़ी अपडेट: अब खाद खरीदने के लिए डिजिटल फार्मर आईडी होगी जरूरी
खेती से जुड़े किसानों के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है।
सरकार अब खाद खरीदने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनाने जा रही है। लेटेस्ट ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, आगे चलकर खाद लेने के लिए डिजिटल फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी।
इस फैसले का मकसद साफ है—
खाद और फर्टिलाइजर सब्सिडी का फायदा सिर्फ उन्हीं किसानों तक पहुंचे, जो वास्तव में खेती कर रहे हैं।
🌱 क्यों जरूरी हुआ डिजिटल फार्मर आईडी?
अभी तक खाद की बिक्री में कई जगह गड़बड़ियां देखने को मिल रही थीं।
कई बार यूरिया और अन्य उर्वरक ऐसे लोगों तक भी पहुंच जाते थे, जो खेती से सीधे जुड़े नहीं होते।
डिजिटल फार्मर आईडी लागू होने के बाद:
खाद केवल योग्य किसानों (eligibility) को ही मिलेगी
फर्जी खरीद और कालाबाजारी पर रोक लगेगी
सरकार की ओर से मिलने वाले government benefits सही हाथों तक पहुंचेंगे
सीधे शब्दों में कहें तो—
अब सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा और किसान को उसका हक मिलेगा।
🧾 एग्री स्टैक प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी खाद बिक्री
सरकार खाद वितरण को AgriStack प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी में है।
यह एक डिजिटल सिस्टम होगा, जहाँ किसान की पहचान और खाद खरीद का रिकॉर्ड एक ही जगह सुरक्षित रहेगा।
यूरिया की बढ़ती खपत और फर्टिलाइजर सब्सिडी पर बढ़ते खर्च को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि पूरा सिस्टम संतुलित और पारदर्शी बनाया जा सके।
🗺️ कहां से शुरू होगा नया नियम? (Pilot Project Details)
शुरुआत में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है।
फिलहाल देश के 7 चुनिंदा जिलों में इसे टेस्ट किया जाएगा, जहां पहले से बड़ी संख्या में किसान डिजिटल आईडी बनवा चुके हैं।
ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार:
अब तक करीब 7 करोड़ 67 लाख किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है
आने वाले समय में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा
📌 किसानों को क्या करना होगा? (Important Guidelines)
जिन किसानों ने अभी तक डिजिटल फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें जल्द online process पूरा करना होगा
आगे चलकर खाद खरीदते समय यही आईडी पहचान का आधार बनेगी
जमीन के मालिक और सक्रिय किसान—दोनों को इस सिस्टम में जोड़ा जाएगा
✅ निष्कर्ष: किसान और सिस्टम—दोनों को फायदा
डिजिटल फार्मर आईडी सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
इससे:
खाद सही किसान तक पहुंचेगी
सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग रुकेगा
और खेती व्यवस्था ज्यादा मजबूत होगी
अगर आप किसान हैं, तो यह बदलाव आपके लिए बेहद जरूरी है।
समय रहते अपनी डिजिटल फार्मर आईडी जरूर बनवा लें।