बड़ी खबर: यूपी के इन प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, प्रबंधकों को खरीदने होंगे डिवाइस

बड़ी खबर: यूपी के इन प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य, प्रबंधकों को खरीदने होंगे डिवाइस

हेल्पलाइन / जानकारी के लिए संपर्क: 0522-2239000

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण latest update सामने आई है। समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के कुछ प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति (डिजिटल हाजिरी) लागू करने का आदेश जारी किया है।

सरकार का कहना है कि इस कदम से स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी। हालांकि दूसरी ओर कई विद्यालय प्रबंधकों का कहना है कि जिन स्कूलों के पास बुनियादी खर्च के लिए भी पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, वहां इस नई व्यवस्था को लागू करना आसान नहीं होगा।

1. किन स्कूलों में लागू होगा नया नियम

official details के अनुसार प्रयागराज जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित लगभग 413 प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह की ओर से सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी डिवाइस और मोबाइल फोन स्कूल प्रबंधन को खरीदने होंगे।

हालांकि इस सिस्टम के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर का खर्च विभाग की ओर से वहन किया जाएगा।

2. संसाधनों की कमी से बढ़ी प्रबंधकों की चिंता

कई विद्यालय प्रबंधकों का कहना है कि जिन स्कूलों के पास बिजली का बिल भरने तक के पैसे नहीं होते, वहां अतिरिक्त डिवाइस खरीदना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

कुछ प्रबंधकों ने यह भी बताया कि कई जगह बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और बैग जैसी जरूरतों के लिए भी पर्याप्त सहायता समय पर नहीं मिलती। ऐसे में अचानक डिजिटल सिस्टम लागू करने का आदेश उन्हें व्यावहारिक नहीं लग रहा।

यही वजह है कि आदेश जारी होने के लगभग तीन सप्ताह बाद भी कई स्कूलों में अभी तक रजिस्टर पर ही हाजिरी दर्ज की जा रही है।

3. समय पर लागू न करने पर वेतन रोकने की चेतावनी

सरकारी official announcement के अनुसार 31 जनवरी तक ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।

साथ ही यह भी कहा गया था कि तय समय के भीतर यह व्यवस्था लागू नहीं होने पर संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।

इसके बावजूद कई विद्यालय प्रबंधन इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।

4. बायोमीट्रिक उपस्थिति के लिए समय सीमा

नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए विद्यालय शुरू होने के समय से एक घंटे का मार्जिन दिया जाएगा।

एक घंटे के बाद सिस्टम स्वतः लॉक हो जाएगा

जिन स्कूलों में नेटवर्क की समस्या है, वहां ऑफलाइन मोड में उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी

नेटवर्क उपलब्ध होते ही यह डेटा डिजिटल सिस्टम में अपने आप अपडेट हो जाएगा

यह व्यवस्था डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए लागू की जा रही है।

5. प्रधानाध्यापक को दी गई मुख्य जिम्मेदारी

सरकार की ओर से जारी important guidelines के अनुसार विद्यालय के प्रधानाध्यापक को शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी दी गई है।

अगर किसी कारण से प्रधानाध्यापक यह कार्य नहीं कर पाते हैं, तो उनसे चार्ज लेकर किसी अन्य शिक्षक को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

निष्कर्ष

सरकार की मंशा स्कूलों में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने की है, लेकिन कई विद्यालयों में सीमित संसाधनों के कारण इस व्यवस्था को लागू करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन और स्कूल प्रबंधन मिलकर इस डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को किस तरह सफल बनाते हैं।

Leave a Comment