बड़ी खबर यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत: 3.53 लाख लोगों को मिलेंगे ₹127 करोड़ वापस

बड़ी खबर यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत: 3.53 लाख लोगों को मिलेंगे ₹127 करोड़ वापस

उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह latest update राहत भरी खबर लेकर आया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई करीब 127.85 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाए।

आयोग के इस official announcement के बाद अब करीब 3.53 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। खास बात यह है कि यह रकम सीधे नकद नहीं दी जाएगी, बल्कि अप्रैल से जुलाई के बीच आने वाले बिजली बिलों में समायोजित की जाएगी। यानी इन महीनों में उपभोक्ताओं का पूरा बिजली बिल नहीं देना पड़ सकता।

2. कैसे हुई अतिरिक्त वसूली: जानिए पूरा मामला

पिछले साल बिजली कंपनियों ने नए कनेक्शन के साथ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए अपने स्तर पर ही कीमत तय कर दी थी।

सिंगल फेज कनेक्शन के लिए: ₹6016

थ्री फेज कनेक्शन के लिए: ₹11,341

लेकिन बाद में जब आयोग ने नई Cost Data Book लागू की, तो मीटर की आधिकारिक कीमत इससे काफी कम तय हुई।

नई दरें इस प्रकार तय की गईं:

सिंगल फेज स्मार्ट मीटर: ₹2800

थ्री फेज स्मार्ट मीटर: ₹4100

यानी पुराने कनेक्शनों में उपभोक्ताओं से सिंगल फेज पर लगभग ₹3216 और थ्री फेज पर करीब ₹7241 ज्यादा वसूले गए। यही अतिरिक्त रकम अब उपभोक्ताओं को वापस की जाएगी।

3. 31 दिसंबर से पहले लगे कनेक्शनों पर असर

official details के अनुसार, 31 दिसंबर से पहले दिए गए लगभग 3,53,357 नए बिजली कनेक्शनों में यह अतिरिक्त राशि ली गई थी।

यदि साधारण शब्दों में समझें तो कई लोगों ने नए बिजली कनेक्शन के दौरान जितना मीटर चार्ज दिया, वह वास्तविक कीमत से कहीं ज्यादा था। अब आयोग ने साफ कर दिया है कि यह पैसा उपभोक्ताओं को लौटाना ही होगा।

4. उपभोक्ता परिषद की याचिका के बाद हुआ बड़ा फैसला

इस पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आरोप लगाया था कि बिजली कंपनियों ने बिना अनुमति मीटर की कीमत तय कर दी, जो नियमों के खिलाफ है।

याचिका पर सुनवाई के बाद आयोग ने बिजली कंपनियों से जवाब मांगा और अंततः यह सरकारी निर्णय (government benefits) उपभोक्ताओं के पक्ष में दिया।

5. अप्रैल से जुलाई तक बिजली बिल में मिलेगा फायदा

आयोग के important guidelines के अनुसार:

अतिरिक्त वसूली गई राशि 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच बिजली बिल में समायोजित की जाएगी।

बिजली कंपनियों को इसका पूरा रिकॉर्ड और रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी।

मामले की अगली सुनवाई में कंपनी के निदेशक (वाणिज्य) को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया गया है।

इसका मतलब यह है कि प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी उपभोक्ता का पैसा अटक न जाए।

6. करीब 10% उपभोक्ता थ्री फेज कनेक्शन वाले

उपभोक्ता परिषद के अनुसार, कुल कनेक्शनों में लगभग 10 प्रतिशत थ्री फेज कनेक्शन हैं। चूंकि इन पर ज्यादा राशि वसूली गई थी, इसलिए कुल मिलाकर बिजली कंपनियों को करीब ₹127.85 करोड़ वापस करने पड़ेंगे।

7. निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। official announcement के मुताबिक जिन लोगों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए अधिक भुगतान किया था, उन्हें अब बिजली बिल में सीधा फायदा मिलेगा।

यह निर्णय न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देगा, बल्कि भविष्य में बिजली कंपनियों को भी नियमों के अनुसार काम करने की सख्त चेतावनी है।

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