बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक एकजुट, यूपी के जिलों में निकलेगा मशाल जुलूस

बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक एकजुट, यूपी के जिलों में निकलेगा मशाल जुलूस

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। latest update के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में कई शिक्षक संगठन एक साथ आ गए हैं। इस मामले को लेकर अब आंदोलन तेज करने की तैयारी की जा रही है।

शिक्षकों का कहना है कि जिन लोगों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले हुई थी, उन्हें टीईटी की अनिवार्यता से छूट मिलनी चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है।

2. 15 मार्च तक अलग-अलग जिलों में होगा विरोध प्रदर्शन

official details के मुताबिक यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (UTA) ने आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि 15 मार्च तक कई जिलों में शाम के समय मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।

इस तरह के जुलूस का उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचना है। आम तौर पर ऐसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शिक्षक अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से रखते हैं, ताकि नीति स्तर पर चर्चा हो सके।

3. 10 मार्च को बरेली समेत पांच जिलों में जुलूस

आंदोलन के पहले चरण में 10 मार्च को शाम 5:30 बजे बरेली समेत पांच जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होने की संभावना है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह विरोध किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस नीति के खिलाफ है जिसे वे अपने लिए अनुचित मानते हैं। उनका तर्क है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों के लिए नई अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है।

4. शिक्षकों की मुख्य मांग क्या है

शिक्षक संगठनों ने अपनी कुछ प्रमुख मांगें भी सामने रखी हैं। इनमें शामिल हैं:

RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट

सेवा में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग important guidelines

शिक्षा व्यवस्था में अनुभव को भी eligibility का आधार माना जाए

शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों के लिए बार-बार नई शर्तें लागू करना व्यावहारिक नहीं है।

5. आगे की रणनीति पर भी होगी बैठक

यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर के अनुसार, मशाल जुलूस के बाद आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।

इसी बीच Teachers Federation of India (TFI) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की एक अहम बैठक दिल्ली में बुलाई गई है। इस बैठक में बड़े स्तर पर रैली या अन्य कार्यक्रमों की तारीख तय की जा सकती है। यह एक तरह का official announcement भी माना जा रहा है, जिसमें आगे की दिशा तय होगी।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में टीईटी अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ रही है। मशाल जुलूस और बैठकों के जरिए वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच बातचीत या नई important guidelines जारी होने की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर शिक्षकों की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।

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