बड़ी खुशखबरी: 25 लाख महिलाओं को मिला पैसा, आगे ₹2 लाख तक की सहायता कैसे मिलेगी?

बड़ी खुशखबरी: 25 लाख महिलाओं को मिला पैसा, आगे ₹2 लाख तक की सहायता कैसे मिलेगी?

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 25 लाख महिलाओं को ₹10,000 की सीधी मदद Latest Update: बिहार सरकार ने एक बार फिर बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता ट्रांसफर की है। इस बार 25 लाख नई लाभार्थी महिलाओं को ₹10,000-₹10,000 की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई। यह ट्रांसफर पटना स्थित 1, अणे मार्ग से मुख्यमंत्री Nitish Kumar द्वारा किया गया। सरकार के आधिकारिक विवरण (official details) के मुताबिक, इस चरण में कुल ₹2,500 करोड़ जारी किए गए हैं।

अब तक कितनी राशि ट्रांसफर हुई?

राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को लगभग ₹18,100 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। सितंबर से नवंबर 2025 के बीच पांच चरणों में भी बड़ी राशि ट्रांसफर की गई थी। सीधी बात करें तो सरकार इस योजना को लगातार आगे बढ़ा रही है।

ग्रामीण और शहरी महिलाओं को बराबर फायदा

इस योजना का दायरा सिर्फ गांव तक सीमित नहीं है। करीब 1.44 करोड़ ग्रामीण और 12 लाख शहरी महिलाएं इससे लाभान्वित हुई हैं। सरकार का कहना है कि यदि कोई महिला शुरुआती ₹10,000 का सही उपयोग कर छोटा व्यवसाय शुरू करती है, तो उसे आगे ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है। यानी यह सिर्फ एक बार की मदद नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का मौका है।

जीविका’ समूह की अहम भूमिका

बिहार में स्वयं सहायता समूहों की शुरुआत 2006 में विश्व बैंक के सहयोग से हुई थी, जिसे आज ‘जीविका’ के नाम से जाना जाता है। ये समूह गांव-गांव में महिलाओं को जोड़कर उन्हें छोटे कारोबार के लिए तैयार करते हैं। राशि के उपयोग की समीक्षा भी ग्राम संगठन के माध्यम से होती है। सरल शब्दों में कहें तो पैसा सीधे खाते में जाता है, लेकिन निगरानी भी तय प्रक्रिया से होती है।

Eligibility और Important Guidelines

महिला का स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी। राशि का उपयोग स्वरोजगार या छोटे व्यवसाय में करना होगा। ग्राम संगठन द्वारा सत्यापन के बाद अगली किस्त या अतिरिक्त सहायता मंजूर की जाती है। सरकार का उद्देश्य साफ है—महिलाओं की आय बढ़े और वे आत्मनिर्भर बनें।

महिलाओं के अनुभव क्या कहते हैं?

मुजफ्फरपुर की एक महिला ने ₹10,000 से गाय खरीदी और दूध का काम शुरू किया। नालंदा की एक लाभार्थी सिलाई सेंटर खोलने की तैयारी में हैं। छोटी शुरुआत। लेकिन असर बड़ा। यही इस योजना की असली ताकत है।

Ladli Behna Yojana: 33वीं किस्त जारी, 1 लाख महिलाएं वंचित

Official Announcement: 14 फरवरी को 33वीं किस्त जारी की गई। लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को ₹1500-₹1500 DBT के माध्यम से भेजे गए। लेकिन करीब 1 लाख महिलाएं इस बार सूची से बाहर रहीं।

क्यों नहीं मिला लाभ?

सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर नाम हट सकता है। पात्रता शर्तें पूरी न करने पर भी सूची से बाहर किया जाता है। ऐसे में लाभार्थियों को अपना स्टेटस जरूर जांचना चाहिए।

Online Process: पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं आवेदन एवं भुगतान की स्थिति विकल्प चुनें।आवेदन आईडी या समग्र आईडी दर्ज करें।ओटीपी से वेरिफाई करें। कुछ ही मिनट में पूरा स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा।

खाते में पैसा नहीं आया तो क्या करें?

अक्सर कारण छोटे होते हैं—

आधार लिंक नहीं

केवाईसी अपडेट नहीं

DBT सक्रिय नहीं

ऐसी स्थिति में बैंक या लोक सेवा केंद्र में जरूरी अपडेट कराएं। सुधार के बाद अगली किस्त के साथ बकाया राशि भी मिल सकती है।

क्या बढ़ेगी राशि?

पहले ₹1000 मिलते थे।

फिर ₹1250 हुए।

अब ₹1500 मिल रहे हैं।

राज्य बजट में राशि बढ़ाने या नए पंजीयन शुरू करने की संभावना पर भी चर्चा है। अगर ऐसा होता है, तो यह लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत होगी।

निष्कर्ष

चाहे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना हो या लाड़ली बहना योजना—दोनों का मकसद एक है महिलाओं को आर्थिक सहारा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना। सरकार की ये पहल केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि हजारों घरों की उम्मीद बन चुकी है।

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