Ghaziabad : कमर्शियल गैस की कमी से बदला स्ट्रीट फूड मेन्यू, छोले-भटूरे आउट—दाल-नान से काम चला रहे दुकानदार

Ghaziabad : कमर्शियल गैस की कमी से बदला स्ट्रीट फूड मेन्यू, छोले-भटूरे आउट—दाल-नान से काम चला रहे दुकानदार

स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए यह थोड़ा निराश करने वाली खबर है। Ghaziabad में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से कई मशहूर खाने-पीने की दुकानों को अपना मेन्यू बदलना पड़ा है।

ताज़ा latest update के मुताबिक, शहर में बड़ी संख्या में छोले-भटूरे बेचने वाले ठेले और छोटे रेस्टोरेंट अब मजबूरी में दाल-नान या दाल-चावल जैसे विकल्प ग्राहकों को दे रहे हैं। वजह साफ है—कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी।

2. गैस सप्लाई प्रभावित होने से बदला खाने का मेन्यू

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका असर सीधे छोटे फूड कारोबारियों पर पड़ा है।

भटूरे जैसे व्यंजन बनाने के लिए लगातार गैस की जरूरत होती है। जब सिलेंडर ही नहीं मिल रहा, तो दुकानदारों को मजबूरी में मेन्यू बदलना पड़ रहा है।

ऐसे में कई जगह अब छोले-भटूरे की जगह दाल-नान, तंदूरी रोटी या दाल-चावल आसानी से मिल रहे हैं।

3. 18 साल से छोले-भटूरे बेचने वाले चंदू ने भी बदला तरीका

राजनगर इलाके में पिछले करीब 18 साल से ठेला लगाकर छोले-भटूरे बेचने वाले चंदू के लिए भी यह बदलाव आसान नहीं था।

जब ग्राहक रोज की तरह उनकी दुकान पर पहुंचे तो उन्हें मेन्यू में बड़ा बदलाव देखने को मिला। छोले-भटूरे की जगह अब दाल-चावल और नान उपलब्ध थे।

चंदू बताते हैं कि भटूरे तलने के लिए लगातार गैस चाहिए होती है, लेकिन जब कमर्शियल सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया, तो उन्हें अपना काम जारी रखने के लिए नया तरीका अपनाना पड़ा।

4. घर से बनाकर ला रहे खाना, तंदूर पर बना रहे नान

कमाई बंद न हो और ग्राहकों को भी खाना मिलता रहे, इसके लिए चंदू ने थोड़ा अलग रास्ता अपनाया है।

अब वे घर पर दाल, सब्जी और चावल तैयार करके दुकान पर लाते हैं। ठेले पर मौजूद तंदूर में नान और तंदूरी रोटी बना लेते हैं और उसी में दाल-सब्जी गर्म कर देते हैं।

छोटे कारोबारियों के लिए यह एक तरह से व्यवसाय बचाने का व्यावहारिक तरीका बन गया है।

5. शहर के हजारों दुकानदार कर रहे हैं ऐसा बदलाव

चंदू अकेले ऐसे दुकानदार नहीं हैं। शहर में अनुमानित तौर पर करीब दो हजार से अधिक ठेले और दुकानें छोले-भटूरे बेचने का काम करती हैं।

कमर्शियल गैस की कमी के कारण उनमें से कई दुकानदारों ने फिलहाल अपने मेन्यू में बदलाव कर दिया है। इससे ग्राहकों को भी थोड़ा अलग खाना मिल रहा है, लेकिन कारोबार पूरी तरह बंद होने से बच गया है।

6. दुकानदारों की मांग: जल्द शुरू हो सिलेंडर की सप्लाई

फूड स्टॉल चलाने वाले लोगों का कहना है कि अगर कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो छोटे व्यवसाय पर असर पड़ सकता है।

इसलिए दुकानदार सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग कर रहे हैं कि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द बहाल की जाए, ताकि स्ट्रीट फूड का पुराना स्वाद फिर से लौट सके।

Leave a Comment