Gold Price Record High: 2026 में भारत की सोने की डिमांड 11% क्यों गिरी

Gold Price Record High: 2026 में भारत की सोने की डिमांड 11% क्यों गिरी?

सोना महंगा हुआ, आम खरीदार पीछे हटा2025 में कीमतें आसमान पर, डिमांड में साफ गिरावट

भारत में सोना अब सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक महंगा फैसला बनता जा रहा है।

कीमतें इतनी तेज़ी से बढ़ीं कि आम आदमी के लिए सोना खरीदना मुश्किल हो गया।

नतीजा साफ दिखा—2025 में देश की सोने की मांग 11% घट गई।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की latest official report यही बताती है।

📊 2025 में भारत की गोल्ड डिमांड क्यों घटी?

WGC के मुताबिक,2025 में भारत की कुल सोने की मांग घटकर 710.9 टन रह गई।

जबकि 2024 में यह 802.8 टन थी।मुख्य वजहें साफ हैं:रिकॉर्ड तोड़ कीमतेंमहंगाई का दबाव

उपभोक्ताओं का बदला हुआ खरीद व्यवहारलोग अब सोच-समझकर सोना खरीद रहे हैं।ज़रूरत हो तभी।

💍 शादी का सीजन भी नहीं बचा पाया ज्वेलरी बिक्री

शादी-ब्याह के महीनों में भी आभूषणों की चमक फीकी रही।ज्वेलरी डिमांड में 24% की गिरावट दर्ज की गई।

2026: 563.4 टन2 026: 430.5 टन

यह गिरावट इसलिए भी चौंकाती है क्योंकि भारत में शादियों के बिना सोने की कल्पना मुश्किल है।

लेकिन ऊंची कीमतों ने लोगों को हल्का खरीदने पर मजबूर कर दिया।

👉 दिलचस्प बात यह रही कि

मूल्य के हिसाब से ज्वेलरी की मांग 12% बढ़ी।यानी लोग कम सोना खरीद रहे हैं, लेकिन महंगे दाम चुका रहे हैं।

📈 कीमतें रिकॉर्ड पर, रिटर्न ने बनाया सोना सुपरहिट

2025 में सोने ने निवेशकों को खूब चौंकाया।60% से ज्यादा का रिटर्न53 बार ऑल-टाइम हाई

यही वजह है कि भौतिक खरीद कम हुई,लेकिन निवेश के रूप में सोने की मांग तेज़ी से बढ़ी।

💼 निवेशकों की पसंद बना सोना

WGC की official announcement के अनुसार,2025 की चौथी तिमाही में:निवेश डिमांड 26% बढ़कर 96 टन

मूल्य के हिसाब से उछाल 108%कुल वैल्यू पहुंची ₹1,20,700 करोड़

स्पष्ट है—

लोग सोना पहनने से ज्यादा, अब सेव और सिक्योरिटी के लिए खरीद रहे हैं।

🌍 वैश्विक स्तर पर सोने की डिमांड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारत में गिरावट के बावजूद,ग्लोबल गोल्ड डिमांड 2025 में नया रिकॉर्ड बना गई।

कुल वैश्विक मांग: 5,002 टनयह अब तक का ऑल-टाइम हाई हैइस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह रही—तेज़ी से बढ़ती इन्वेस्टमेंट डिमांड।

🔮 2026 के लिए क्या कहती है रिपोर्ट?

WGC के अनुमान के मुताबिक,2026 में भारत की सोने की मांग 600 से 700 टन के बीच रह सकती है।

मतलब साफ है—अगर कीमतें ऐसे ही ऊंची रहीं,तो आम खरीदार और सतर्क होगा।

📝 निष्कर्ष

सोना अब सिर्फ परंपरा नहीं,बल्कि एक सोच-समझकर लिया जाने वाला फैसला बन चुका है।

कीमतें ऊंची हैंखरीद कम हुई हैनिवेश का झुकाव बढ़ा हैआने वाला समय बताएगा कि

सोना फिर आम आदमी की पहुंच में लौटता है या

सिर्फ निवेशकों की पसंद बना रहता है।

Leave a Comment