Gold Price Today: वैलेंटाइन डे पर बड़ा झटका! 24 कैरेट सोना हुआ सस्ता – जानें नया रेट
Rate of 10 Grams Gold: वैलेंटाइन डे पर फिर फिसला सोना, 14 फरवरी का ताज़ा भाव जानें वैलेंटाइन डे पर जहां लोग गिफ्ट और सरप्राइज की तैयारी में हैं, वहीं सर्राफा बाजार ने एक बार फिर चौंका दिया। 14 फरवरी की सुबह सोने और चांदी के दाम में फिर गिरावट दर्ज की गई। पिछले कुछ दिनों से बाजार में जो तेज उतार-चढ़ाव चल रहा था, वह आज भी जारी रहा।
14 फरवरी को 24 कैरेट गोल्ड का लेटेस्ट रेट
MCX पर 13 फरवरी को हल्की रिकवरी दिखी थी। अप्रैल वायदा सोना 305 रुपये चढ़कर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन यह मजबूती ज्यादा देर टिक नहीं पाई। आज 14 फरवरी को 24 कैरेट शुद्ध सोने का औसत भाव 1,55,920 से 1,56,150 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच ट्रेड कर रहा है। चांदी में भी हलचल जारी है। मार्च वायदा में पहले 3.62% यानी 8,564 रुपये की उछाल आई थी, लेकिन अब कीमतें फिर दबाव में हैं और करीब 2.80 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं। यह latest update निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
गिरावट क्यों आई? समझिए असली वजह
बाजार विशेषज्ञ इसे ‘Healthy Correction’ बता रहे हैं। आसान शब्दों में कहें तो जब कीमतें बहुत तेजी से ऊपर जाती हैं, तो बीच-बीच में थोड़ा ठहराव और गिरावट स्वाभाविक होती है। 29 जनवरी 2026 को सोने ने लगभग 1.81 लाख और चांदी ने करीब 4.20 लाख का हाई छुआ था। इसके बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
वैश्विक स्तर पर भी माहौल बदला है। अमेरिका की नई व्यापार नीतियों और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता कुछ कम हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव में भी नरमी आई है। ऐसे में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग थोड़ी घटी है।
डॉलर इंडेक्स (DXY) 97 के पार बना हुआ है। साथ ही फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। इन factors ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है।
चांदी ज्यादा अस्थिर क्यों?
सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिख रहा है। इसकी वजह साफ है। चांदी सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं है। यह सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। जब औद्योगिक मांग धीमी पड़ती है या निवेशक जोखिम कम करना चाहते हैं, तो चांदी पहले दबाव में आती है। पिछले साल चांदी ने लगभग 170% का शानदार रिटर्न दिया था। लेकिन अब बड़े संस्थागत निवेशक सतर्क हैं। कई लोग इसे सुरक्षित निवेश की जगह जोखिम वाला विकल्प मान रहे हैं। इसी वजह से कीमतों में ज्यादा अस्थिरता देखी जा रही है।
घरेलू बाजार और बजट 2026 का असर
भारत में हाल ही में पेश बजट 2026 के बाद Import Duty और अन्य टैक्स बदलावों ने MCX कीमतों को प्रभावित किया है। शादी-ब्याह का सीजन होने के बावजूद ऊंची कीमतों ने फिजिकल डिमांड कम कर दी है। कई ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं। कुछ लोग इंतजार कर रहे हैं कि शायद रेट थोड़ा और नीचे आए। अगर आप खरीदारी की सोच रहे हैं, तो official announcement और important guidelines जरूर देखें। निवेश से पहले eligibility, tax impact और long-term strategy समझना जरूरी है। Gold investment में online process के जरिए डिजिटल गोल्ड या ETF जैसे विकल्प भी मौजूद हैं, जिनसे government benefits से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल जाती है।
आगे क्या हो सकता है?
जब तक डॉलर मजबूत है और वैश्विक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। छोटे निवेशकों के लिए सलाह यही है—भावनाओं में आकर फैसला न लें। धीरे-धीरे और सोच-समझकर निवेश करें।