India Green Energy Latest Update: 272 GW पार, क्या अब आधी बिजली आएगी सौर-पवन से?
भारत की हरित ऊर्जा में बड़ी छलांग: 272 गीगावाट के पार पहुंची गैर-जीवाश्म क्षमता भारत की ऊर्जा तस्वीर तेजी से बदल रही है। ताज़ा latest update के मुताबिक, देश की गैर-जीवाश्म आधारित बिजली उत्पादन क्षमता अब 272 गीगावाट से ज्यादा हो चुकी है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि साफ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है।
सौर और पवन ऊर्जा ने संभाली कमान
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने जानकारी दी कि कुल क्षमता में
141 गीगावाट सौर ऊर्जा
55 गीगावाट पवन ऊर्जा
शामिल है। सीधे शब्दों में कहें तो अब देश की बिजली का बड़ा हिस्सा सूरज और हवा से आ रहा है। यह वही बदलाव है जिसकी चर्चा वर्षों से हो रही थी, और अब जमीन पर नतीजे दिखने लगे हैं।
भारत-ब्रिटेन ऑफशोर विंड टास्कफोर्स की शुरुआत
इसी मौके पर भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच India-UK Offshore Wind Taskforce की औपचारिक शुरुआत हुई। यह पहल समुद्र के अंदर (ऑफशोर) पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए है। कार्यक्रम में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी और भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून भी मौजूद रहीं। यह साझेदारी सिर्फ कागज़ी समझौता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, निवेश और government benefits को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
2025-26 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में ही भारत ने 35 गीगावाट से ज्यादा सौर क्षमता 4.61 गीगावाट पवन क्षमता जोड़ दी है। यानी हर महीने नए प्रोजेक्ट जमीन पर उतर रहे हैं। गांवों से लेकर बड़े शहरों तक सोलर प्लांट्स और विंड फार्म तेजी से फैल रहे हैं।
लक्ष्य से 5 साल पहले बड़ी उपलब्धि
एक और दिलचस्प बात। पिछले वर्ष भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल कर लिया। यह उपलब्धि तय समय से पांच साल पहले मिली।यह साफ संकेत है कि नीति, निवेश और official announcement के स्तर पर जो योजनाएं बनीं, उनका असर दिख रहा है।
क्यों है यह विकास अहम?
आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी प्रदूषण में गिरावट आएगी नई नौकरियों के अवसर बनेंगे निवेशकों के लिए ऊर्जा सेक्टर में नए मौके खुलेंगेआज जब पूरी दुनिया क्लाइमेट बदलाव को लेकर गंभीर है, भारत की यह प्रगति वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति मजबूत करती है।
निष्कर्ष
272 गीगावाट का आंकड़ा सिर्फ उपलब्धि नहीं, एक संदेश है—भारत अब ऊर्जा के पुराने ढर्रे पर नहीं चल रहा। सौर और पवन ऊर्जा के दम पर देश तेज़ी से हरित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और नई नीतियों से यह ग्रोथ और तेज हो सकती है।