LPG Cylinder बुकिंग नियम बदलते ही बढ़ी परेशानी, कई शहरों में गैस के लिए लंबी लाइनें
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर को लेकर अजीब सी स्थिति बन गई है। जिन घरों में गैस खत्म हो चुकी है, वे तो बुकिंग करा ही रहे हैं, लेकिन कई लोग एहतियात के तौर पर पहले से ही सिलेंडर बुक करवा रहे हैं। नतीजा यह है कि लगभग हर जिले में गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ देखने को मिल रही है।
हालात तब और उलझ गए जब हाल ही में गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव किया गया। इसके साथ ही बुकिंग सॉफ्टवेयर में आ रही तकनीकी दिक्कतों ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है।
2. Official Details: पहले 24 घंटे में मिल जाता था सिलेंडर
तेल कंपनियों के मुताबिक पहले जब बुकिंग का अंतर 21 दिन था, तब पूरे प्रदेश में रोज लगभग 10 लाख सिलेंडर बुक हो रहे थे। उसी के मुकाबले करीब 9.86 लाख सिलेंडरों की सप्लाई रोज हो रही थी। यानी बुकिंग के बाद कई जगहों पर सिलेंडर अगले ही दिन घर तक पहुंच जाता था।
लेकिन अब बुकिंग की अवधि 25 दिन कर दी गई है। इसके बाद बुकिंग की संख्या घटकर करीब 7.69 लाख रह गई है, जबकि सप्लाई करीब 6.8 लाख सिलेंडर प्रतिदिन है।
इस बदलाव के बाद अब बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का समय 24 घंटे से बढ़कर 3 से 5 दिन तक पहुंच गया है।
तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सरकार से लगातार संपर्क किया जा रहा है और स्थिति सामान्य करने के लिए बैठकें भी हो चुकी हैं।
3. Online Process में दिक्कत, एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में उपभोक्ताओं की शिकायत है कि ऑनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा। कई बार ऐप या वेबसाइट पर बुकिंग नहीं हो पा रही, जिसके कारण लोगों को सीधे गैस एजेंसी पहुंचना पड़ रहा है।
इसके अलावा KYC अपडेट कराने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस की कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी दिक्कत और अचानक बढ़ी बुकिंग के कारण अस्थायी परेशानी सामने आ रही है।
4. Commercial Cylinder Crisis: होटल और स्ट्रीट फूड कारोबार प्रभावित
घरेलू गैस के साथ-साथ कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई में भी रुकावट की खबरें सामने आ रही हैं। इसका असर सीधे होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार पर पड़ा है।
कई शहरों में होटल संचालकों ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें अपने मेन्यू से कुछ आइटम हटाने पड़े हैं।
मेरठ की प्रसिद्ध सर्राफा मंडी के कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फास्ट फूड और रेस्टोरेंट कारोबार आधे से भी कम रह सकता है।
5. Important Guidelines: कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती
कुछ जिलों में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की भी शिकायतें सामने आई हैं।
कानपुर में आपूर्ति विभाग ने छापेमारी कर 49 एलपीजी सिलेंडर, रिफिलिंग उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया है। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
प्रयागराज और अन्य शहरों में भी सर्वर डाउन होने की स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने 966 रुपये का घरेलू सिलेंडर 1350 रुपये तक में बेचने की कोशिश की।
गोरखपुर में दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके गोदाम सील कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
6. Ground Reality: कई जिलों में सुबह से लग रही लाइनें
गोरखपुर, आगरा, मेरठ, प्रयागराज और अन्य शहरों में सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई जगह लोगों ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद भी बुकिंग या सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
आगरा में एक गैस एजेंसी पर शटर बंद होने के बाद उपभोक्ताओं ने विरोध भी जताया। वहीं कुछ एजेंसियों ने बताया कि सर्वर फेल होने की वजह से बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई है।