Official Announcement: ITI छात्रों के लिए नई स्कीम, अब सीधे मिलेंगे इंडस्ट्री जॉब के मौके
यूपी के ITI छात्रों के लिए बड़ी पहल: सोलर और ऑटोमेशन में मिलेगा इंडस्ट्री-लेवल प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के आईटीआई छात्रों के लिए यह सचमुच एक बड़ा मौका है। अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र आधुनिक मशीनों पर हाथ से काम करना सीखेंगे। यानी वही ट्रेनिंग, जो बड़ी कंपनियों में काम आती है। हाल ही में official announcement के तहत प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट और Schneider Electric India Foundation के बीच समझौता हुआ है। इस पहल का मकसद साफ है—युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और रोजगार के नए रास्ते खोलना।
क्या बदलेगा अब ITI में?
अक्सर आईटीआई को पारंपरिक ट्रेड तक सीमित समझा जाता है। लेकिन अब तस्वीर बदलने वाली है।प्रदेश के 20 राजकीय आईटीआई में विश्वस्तरीय इलेक्ट्रिशियन ट्रेनिंग लैब और रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) लैब स्थापित की जाएंगी। अगले तीन वर्षों में करीब 8,250 छात्रों को एडवांस टेक्निकल ट्रेनिंग दी जाएगी।यह सिर्फ क्लासरूम थ्योरी नहीं होगी। छात्र खुद सोलर पैनल इंस्टॉल करना सीखेंगे। सोलर वाटर पंप की सेटिंग समझेंगे। हाइब्रिड सोलर सिस्टम कैसे काम करता है, यह जानेंगे। साथ ही इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और ऑटोमैटिक मोटर कंट्रोलर की ट्रेनिंग भी मिलेगी।सीधी भाषा में कहें तो—जो स्किल आज इंडस्ट्री मांग रही है, वही अब आईटीआई में सिखाई जाएगी।
रोजगार के नए अवसर क्यों बढ़ेंगे?
आज देश और दुनिया में सोलर एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है। बड़ी फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन आम हो चुका है। ऐसे में जिन युवाओं के पास प्रैक्टिकल स्किल होगी, उन्हें नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा रहेगी।यह पहल छात्रों को सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इंडस्ट्री-रेडी स्किल देगी। मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का रास्ता भी आसान हो सकता है।
किन जिलों में बनेंगी आधुनिक लैब?
इस योजना के तहत कानपुर (पांडुनगर) के साथ-साथ लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद, वाराणसी, जौनपुर, नोएडा, आगरा, मथुरा, झांसी, बरेली, मेरठ, प्रयागराज, गाजीपुर, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, सोनभद्र और आजमगढ़ के राजकीय आईटीआई शामिल हैं। कानपुर के पांडुनगर आईटीआई में लैब स्थापना का काम शुरू भी हो चुका है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी प्रक्रिया तेज होगी।
Eligibility और Training Process क्या रहेगा?
फिलहाल यह सुविधा संबंधित 20 राजकीय आईटीआई में पढ़ रहे छात्रों के लिए होगी। Eligibility: संबंधित ट्रेड में नामांकित छात्रTraining Duration: चरणबद्ध तरीके से 3 साल Online Process: प्रवेश और पंजीकरण की प्रक्रिया आईटीआई के मौजूदा सिस्टम के अनुसार ही रहेगी।छात्रों को सलाह है कि वे अपने संस्थान से latest update और official details जरूर प्राप्त करें।
Important Guidelines छात्रों के लिए
नियमित उपस्थिति जरूरी होगी।लैब उपकरणों का सुरक्षित उपयोग सिखाया जाएगा।प्रैक्टिकल सेशन में सक्रिय भागीदारी अनिवार्य रहेगी।सरकार का लक्ष्य साफ है—तकनीकी शिक्षा को रोजगार से सीधे जोड़ना और युवाओं को वास्तविक government benefits देना।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के आईटीआई छात्रों के लिए यह पहल एक नई शुरुआत जैसी है। आज के समय में सिर्फ डिग्री काफी नहीं। स्किल मायने रखती है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सकता है। और यही इस पूरी पहल का असली उद्देश्य भी है।