प्रयागराज में LPG संकट: सिलिंडर बुक करना भी बना चुनौती

प्रयागराज में LPG संकट: सिलिंडर बुक करना भी बना चुनौती

प्रयागराज में इन दिनों रसोई गैस को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई इलाकों में हालात ऐसे हैं कि LPG सिलिंडर की बुकिंग तक आसानी से नहीं हो पा रही। उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि ऑनलाइन बुकिंग में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।

Latest update के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब स्थानीय सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है।

2. ऑनलाइन बुकिंग में समस्या, एजेंसियों पर लंबी कतारें

कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए online process बार-बार फेल हो रहा है। कुछ लोगों को बुकिंग के बाद भी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) नहीं मिल रहा, जिससे सिलिंडर की डिलीवरी रुक जाती है।

एजेंसी कार्यालयों में पूछताछ करने पर अक्सर सर्वर डाउन या तकनीकी समस्या का हवाला दिया जा रहा है। नतीजा यह है कि लोग गैस सिलिंडर के लिए बार-बार एजेंसी पहुंचने को मजबूर हैं।

3. कीमत बढ़ने के बाद डिलीवरी में भी देरी

7 मार्च से पहले जिन लोगों ने सिलिंडर बुक किया था, उन्हें मोबाइल पर संशोधित बिल तो मिल गया, लेकिन सिलिंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही।

खासकर जिन घरों में शादी या कोई पारिवारिक कार्यक्रम है, वहां रसोई गैस की कमी बड़ी परेशानी बन गई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।

4. नए नियम: घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता

गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक फिलहाल प्लांट से सिलिंडर की सप्लाई कम हो रही है। इसी वजह से नए important guidelines लागू किए गए हैं।

इन नियमों के अनुसार:

पहले घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर दिया जाएगा

कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई सीमित रहेगी

दूसरा सिलिंडर 25 दिन बाद ही उपलब्ध होगा

सरकार का उद्देश्य है कि आम परिवारों की रसोई गैस की जरूरत पहले पूरी हो सके।

5. होटल और व्यापारियों पर बढ़ा दबाव

कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी का सबसे ज्यादा असर रेस्टोरेंट, ढाबा और होटल कारोबार पर पड़ा है। कई संचालकों का कहना है कि उन्हें एजेंसियों से दो-तीन दिन बाद सिलिंडर मिलने की बात कही जा रही है।

व्यापारिक संगठनों का मानना है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

6. प्रयागराज से 11 जिलों में जाती है गैस सप्लाई

प्रयागराज के झूंसी स्थित त्रिवेणीपुरम गैस बॉटलिंग प्लांट से आसपास के कई जिलों में एलपीजी की सप्लाई होती है।

Official details के मुताबिक:

करीब 289 गैस एजेंसियों को यहीं से सिलिंडर मिलता है

रोजाना 100 से अधिक ट्रकों के जरिए गैस भेजी जाती है

लगभग 35,000 सिलिंडर प्रतिदिन रिफिल किए जाते हैं

यह प्लांट प्रयागराज के अलावा प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर और अन्य जिलों में सप्लाई करता है।

7. जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन सख्त

गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें होटल, गैस गोदाम और एजेंसियों की जांच कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति या एजेंसी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

8. उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एजेंसी या सरकारी ऐप के माध्यम से ही गैस बुक करें।

कुछ जरूरी बातें:

गैस की online booking अधिकृत ऐप से करें

25 दिन पूरे होने के बाद ही नई बुकिंग करें

केवल अधिकृत डिलीवरी वेंडर से सिलिंडर लें

इन important guidelines का पालन करने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

निष्कर्ष

प्रयागराज में LPG सिलिंडर की मौजूदा किल्लत कई कारणों से पैदा हुई है—अंतरराष्ट्रीय हालात, सप्लाई में कमी और तकनीकी समस्याएं। हालांकि प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियां स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही हैं।

उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सप्लाई बेहतर होगी और उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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