Smart Meter Latest Update: क्या सच में बढ़ेगा बिजली बिल? HPSEBL ने दिया साफ जवाब
स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम क्यों? सच जानिए सीधे और साफ शब्दों में
आजकल हिमाचल प्रदेश में Smart Electricity Meter को लेकर खूब चर्चा है।
कहीं बिजली बिल बढ़ने की बात हो रही है, तो कहीं सब्सिडी खत्म होने की आशंका।
लेकिन हकीकत इससे अलग है।
क्या वाकई स्मार्ट मीटर से बिल बढ़ेगा?
इस सवाल पर अब HPSEBL (हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड) ने साफ जवाब दे दिया है।
बोर्ड के मुताबिक, स्मार्ट मीटर लगने से न तो बिजली बिल बढ़ेगा और न ही सब्सिडी पर कोई असर पड़ेगा।

लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में अब तक करीब 7.5 लाख स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं।
खासकर कई जिलों में कमर्शियल कनेक्शन के पुराने मीटर बदले जा चुके हैं।
इसके बावजूद, बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाले सरकारी लाभ पहले की तरह जारी हैं।
125 यूनिट मुफ्त बिजली – नियम वही, सुविधा वही
बिजली बोर्ड के प्रवक्ता ने official announcement में साफ किया है कि
125 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी यह सुविधा पूरी तरह लागू रहेगी।
फिर स्मार्ट मीटर लगाने का मकसद क्या है?
असल में स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिल बढ़ाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता लाना है।
अब यूनिट की गिनती सही होगी,
अनुमान के आधार पर बिल नहीं बनेगा,
और उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर खुद नजर रख सकेगा।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी गाइडलाइन
स्मार्ट मीटर से बिल ऑटो-रिकॉर्ड होगा
रीडिंग में गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी
ऑनलाइन प्रोसेस से खपत की जानकारी मिल सकेगी
शिकायत समाधान पहले से ज्यादा आसान होगा
निष्कर्ष
अगर आप भी स्मार्ट मीटर को लेकर परेशान हैं, तो निश्चिंत रहें।
यह बदलाव उपभोक्ताओं के हित में है, न कि उनके खिलाफ।
सरकारी सब्सिडी, मुफ्त बिजली और मौजूदा नियम – सब कुछ पहले जैसा ही है।
स्मार्ट मीटर सिर्फ सिस्टम को ज्यादा साफ और भरोसेमंद बना रहा है।