UP में बनेगी एशिया की बड़ी फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी? CM योगी का बड़ा दावा
Yogi Adityanath का बड़ा ऐलान: वानिकी यूनिवर्सिटी की डिग्री से खुलेगा रोजगार का रास्ता गोरखपुर के कैम्पियरगंज से एक अहम latest update सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि यहां बनने वाला प्रदेश का पहला वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय युवाओं के लिए “नौकरी की गारंटी” साबित होगा। यानी डिग्री सिर्फ कागज नहीं होगी, बल्कि करियर की ठोस नींव बनेगी।
क्या है पूरा प्लान? (Official Details)
कैम्पियरगंज में प्रस्तावित यह वानिकी और हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी होगी, जो सीधे तौर पर पर्यावरण, वन संपदा और खेती से जुड़ी आधुनिक पढ़ाई पर फोकस करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यहां से डिग्री और डिप्लोमा लेने वाले युवाओं के लिए देश ही नहीं, विदेशों में भी रोजगार के मौके बनेंगे। यह सिर्फ शिक्षा का प्रोजेक्ट नहीं है। इसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए डिजाइन किया जा रहा है।
क्यों खास है यह विश्वविद्यालय?
आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या क्या है?प्रदूषण।दिल्ली जैसे शहरों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां कई बार डॉक्टर बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं।ऐसे समय में वानिकी और पर्यावरण आधारित पढ़ाई सिर्फ एक कोर्स नहीं, बल्कि आने वाले समय का मजबूत करियर विकल्प बनती जा रही है। यह विश्वविद्यालय वनाच्छादन बढ़ाने में मदद करेगा पर्यावरण संरक्षण के विशेषज्ञ तैयार करेगा किसानों की आय बढ़ाने के नए मॉडल विकसित करेगा ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देगा
किसानों के लिए क्या होंगे Government Benefits?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी सिर्फ युवाओं के लिए नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगी।नई तकनीक, पौध उत्पादन, फलों और बागवानी की आधुनिक विधियां—इन सबका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।अगर वैज्ञानिक तरीके से बागवानी की जाए तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी संभव है। यही मॉडल यहां विकसित किया जाएगा।
पर्यावरण और विकास साथ-साथ
सीएम ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ लेकर चला जा रहा है। कैम्पियरगंज में गिद्धराज जटायु संरक्षण केंद्र का जिक्र करते हुए उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की परंपरा को याद किया। संदेश साफ था—विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं।
रोजगार की गारंटी कैसे?
हालांकि अभी eligibility, कोर्स स्ट्रक्चर और online process को लेकर विस्तृत आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है, लेकिन सरकार की मंशा साफ दिखती है।वन विभाग, रिसर्च संस्थान, कृषि आधारित उद्योग, निर्यात कंपनियां—इन सभी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह यूनिवर्सिटी सीधे इंडस्ट्री-ओरिएंटेड पढ़ाई पर फोकस कर सकती है। छोटे शहरों के युवाओं के लिए यह बड़ा मौका होगा।
क्षेत्र में तेजी से बदलती तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान जंगल कौड़िया ब्लॉक के पुनर्निर्मित बीडीओ कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और आसपास के इलाकों में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर नीयत साफ हो तो परिणाम खुद दिखने लगते हैं।सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग—हर सेक्टर में तेजी आई है।
Important Guidelines का इंतजार
युवाओं और अभिभावकों के लिए अब अगला कदम होगा आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कोर्स और सीटों की जानकारी प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता शर्तेंजैसे ही सरकार की ओर से official announcement जारी होगा, आवेदन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
निष्कर्ष: क्यों है यह खबर खास?
कैम्पियरगंज में बनने वाली वानिकी एवं उद्यान विज्ञान यूनिवर्सिटी सिर्फ एक नई इमारत नहीं है। यह पर्यावरण, रोजगार और किसानों की आय—तीनों को जोड़ने की कोशिश है। अगर योजना तय समय पर लागू होती है, तो पूर्वांचल के युवाओं के लिए यह करियर का बड़ा दरवाजा खोल सकती है। अब सबकी नजर अगले आधिकारिक अपडेट पर है।