यूपी में स्मार्ट मीटर पर सरकार का बड़ा एक्शन, 9 फरवरी से घर-घर पहुंचेगी टीम

यूपी में स्मार्ट मीटर पर सरकार का बड़ा एक्शन, 9 फरवरी से घर-घर पहुंचेगी टीम

यूपी में घर-घर पहुंचेगी बिजली विभाग की टीम

स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं से ली जाएगी अहम जानकारी

अगर आपके घर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

अब बिजली विभाग की टीमें सीधे आपके घर तक आएंगी।सवाल पूछेंगी।

जानकारी देंगी।और आपकी शिकायत भी सुनेंगी।

📢 केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: “स्मार्ट मीटर पखवाड़ा”

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों, विरोध और तकनीकी समस्याओं के बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

👉 9 फरवरी से 23 फरवरी तक देशभर में

“स्मार्ट मीटर पखवाड़ा” मनाना अनिवार्य होगा।

इस दौरान बिजली विभाग की अधिकृत टीमें घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से सीधे संवाद करेंगी।

यह फैसला सरकार की ओर से किया गया एक official announcement है, ताकि भ्रम दूर हो और पारदर्शिता बनी रहे।

🏠 घर आने पर आपसे क्या जानकारी ली जाएगी?

टीम का उद्देश्य केवल जांच नहीं, बल्कि जागरूकता भी है।

घर-घर जाकरस्मार्ट मीटर कैसे काम करता है, यह समझाया जाएगा

बैलेंस देखने का तरीका बताया जाएगाबिल से जुड़ी दिक्कतों पर चर्चा होगी

तकनीकी खामियों को नोट किया जाएगाउपभोक्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य होगा

यानी यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ग्राउंड-लेवल रिव्यू है।

📊 यूपी में अब तक कितने स्मार्ट मीटर लगे?

सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य और उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक:

उत्तर प्रदेश में अब तक 61 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं

इनमें से लगभग 47 लाख मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं

इसके अलावा 3.92 लाख चेक मीटर भी लगाए गए हैंहालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि

👉 इन चेक मीटरों की मिलान रिपोर्ट अब तक केंद्र सरकार को नहीं भेजी गई।

इसी मुद्दे को लेकर उपभोक्ता परिषद लगातार भारत सरकार और Rural Electrification Corporation (REC) को शिकायत भेजती रही है।

⚠️ 8 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की एक जैसी परेशानी

एक और गंभीर बात सामने आई है।

प्रदेश में 8 लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं, जो अपने स्मार्ट प्रीपेड मीटर का बैलेंस ही नहीं देख पा रहे।

इसके साथ ही:ज्यादा बिल आने की शिकायतमीटर के तेज चलने की समस्या

तकनीकी खामियांकुछ जरूरी पैरामीटर की अनदेखी

इन मामलों में एक नामी मीटर निर्माता कंपनी को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

🧾 प्रदर्शन सत्र और लिखित शिकायत होगी जरूरी

“स्मार्ट मीटर पखवाड़ा” के दौरान यह तय किया गया है कि:जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां डेमो सेशन होगा

उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दी जाएगीशिकायतें लिखित में दर्ज कराई जा सकेंगी

कार्यक्रम खत्म होने के बाद

👉 15 दिनों के भीतर सभी राज्यों को समेकित रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी होगी।

यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं के हित में एक अहम government benefit मानी जा रही है।

निष्कर्ष: मौका है, अपनी बात रखने का

अगर आपके स्मार्ट मीटर को लेकर कोई भी परेशानी है—

बिल, बैलेंस या तकनीक से जुड़ी—तो यह पखवाड़ा आपके लिए सुनहरा मौका है।

टीम जब आपके घर आए, तो चुप न रहें।अपनी समस्या साफ-साफ बताएं।

और जरूरत हो तो लिखित शिकायत जरूर दें।क्योंकि सही जानकारी और सही सवाल ही

सिस्टम में सही सुधार लाते हैं।

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