UP Panchayat Election Latest Update: घर-घर मतदाता सत्यापन शुरू, बीएलओ हुए एक्टिव
यूपी पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, मतदाता सूची सत्यापन ने पकड़ी रफ्तारघर-घर पहुंच रहे बीएलओ, चुनावी माहौल होने लगा गर्म
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। गांव-गांव इसकी आहट साफ सुनाई देने लगी है। वजह है—ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची का तेजी से चल रहा सत्यापन अभियान।
राज्य के कई जिलों में बीएलओ (Booth Level Officer) अब सीधे लोगों के घर पहुंच रहे हैं। नाम, पता और आधार जैसी जानकारियों का मिलान किया जा रहा है। मकसद साफ है—डुप्लीकेट और गलत नामों को समय रहते हटाना, ताकि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी हो।
मोहनलालगंज में विशेष अभियान, 200 से ज्यादा बीएलओ तैनात
लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील में इस अभियान ने खास रफ्तार पकड़ ली है। प्रशासन ने 200 से अधिक बीएलओ को संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सौंपी है। इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करें और सही जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें।
यह काम सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल के ज़रिये पूरी प्रक्रिया डिजिटल की जा रही है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न रहे।
154 ग्राम पंचायतें, 235 बीएलओ—अलग टीम, साफ जिम्मेदारी
तहसील क्षेत्र के दोनों ब्लॉकों की 154 ग्राम पंचायतों में कुल 235 बीएलओ लगाए गए हैं। चूंकि विधानसभा मतदाता सूची का एसआईआर सत्यापन अलग से चल रहा है, इसलिए पंचायत चुनाव के लिए अलग बीएलओ टीम बनाई गई है। यह कदम समय पर और सटीक काम पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है।
क्या बोले एसडीएम? जानिए आधिकारिक अपडेट
एसडीएम मोहनलालगंज पवन पटेल के मुताबिक, पंचायत चुनाव की मतदाता सूची का पहला चरण—व्यापक पुनरीक्षण और अनंतिम प्रकाशन—पहले ही पूरा किया जा चुका है।
अब दूसरे चरण में बीएलओ को निर्देश हैं कि वे संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का आधार-आधारित सत्यापन करें और सभी विवरण ऑनलाइन अपलोड करें।
जनवरी के अंत तक सभी रिपोर्ट तहसील में जमा होंगी।
20 फरवरी तक अंतिम मतदाता सूची तैयार कर ली जाएगी, जिसके बाद आयोग के निर्देशानुसार अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
गांवों में बढ़ा सियासी तापमान
जैसे ही सत्यापन अभियान शुरू हुआ, गांवों में राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने लगी है। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं।
कई जगहों पर गलियां अब बैनर-पोस्टर और शुभकामना संदेशों से सजने लगी हैं। साफ है—चुनावी माहौल धीरे-धीरे रंग पकड़ रहा है।
निष्कर्ष
मतदाता सूची का यह सत्यापन अभियान पंचायत चुनाव की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम है। ऑनलाइन प्रक्रिया, आधार सत्यापन और घर-घर जांच—ये सभी उपाय चुनाव को निष्पक्ष बनाने की कोशिश हैं।
अगर यही रफ्तार बनी रही, तो यूपी में पंचायत चुनाव की आधिकारिक घोषणा भी जल्द सुनने को मिल सकती है।