UP Ration Latest Update: क्या अब ई-रुपी से मिलेगा राशन? जानिए पूरा Online Process

UP Ration Latest Update: क्या अब ई-रुपी से मिलेगा राशन? जानिए पूरा Online Process

डिजिटल करेंसी से राशन वितरण: यूपी में क्या बदलने वाला है? क्या आने वाले समय में गरीबों को राशन सीधे डिजिटल करेंसी (ई-रुपी) के जरिए मिलेगा? उत्तर प्रदेश में इस सवाल पर तेजी से काम चल रहा है। गुजरात में मॉडल लागू होने के बाद अब यूपी में भी इसी तरह की व्यवस्था पर मंथन शुरू हो चुका है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ एक प्रयोग नहीं बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

बाराबंकी बन सकता है मॉडल जिला

प्रदेश में इस योजना के लिए बाराबंकी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। केंद्रीय खाद्य एवं रसद मंत्रालय की टीम यहां सर्वे कर चुकी है। करीब 15 दिनों तक मोबाइल डेटा कलेक्शन, कोटेदारों और लाभार्थियों से बातचीत की गई।

कहा जा रहा है कि अगर सब ठीक रहा तो बाराबंकी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले भी 2012 में डिजिटल सिस्टम और 2021 में डोर-स्टेप डिलीवरी योजना का पायलट यहीं से शुरू हुआ था। दोनों प्रयोग सफल रहे। इसलिए इस बार भी उम्मीदें ज्यादा हैं।

कैसे काम करेगी नई डिजिटल प्रणाली?

सरकार की तैयारी है कि राशन वितरण को एटीएम जैसी प्रक्रिया से जोड़ा जाए। हर राशन कार्डधारक के मोबाइल में ई-रुपी ऐप इंस्टॉल होगा। केंद्र सरकार हर महीने तय राशि डिजिटल वाउचर के रूप में भेजेगी। यह रकम सिर्फ राशन खरीदने के लिए इस्तेमाल होगी। स्मार्टफोन न होने पर OTP के जरिए भी लेन-देन संभव होगा।बयानी पात्र लाभार्थी कहीं से भी अपना राशन ले सकेंगे। कल्पना कीजिए, अगर कोई मजदूर काम के सिलसिले में दूसरे ब्लॉक में चला गया है, तो उसे अपने गांव लौटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह पास की मशीन या दुकान से राशन ले सकेगा।

Latest Update और Official Details

सूत्रों के अनुसार, निदेशालय स्तर पर केंद्रीय संयुक्त सचिव की बैठक हो चुकी है। गुजरात के गांधीनगर में इस प्रणाली की शुरुआत 15 फरवरी को हुई थी। अब उत्तर प्रदेश सरकार इसे लागू करने की तैयारी में है। Latest update यह है कि बाराबंकी में 1380 कोटेदारों के जरिए करीब 6.42 लाख लोगों को राशन मिलता है। इसलिए यहां से शुरुआत करना प्रशासन के लिए व्यावहारिक माना जा रहा है।

Eligibility और Important Guidelines

फिलहाल eligibility वही रहेगी जो मौजूदा राशन कार्ड नियमों में है। यानी पात्रता सूची में शामिल लाभार्थियों को ही डिजिटल वाउचर मिलेगा। कुछ संभावित important guidelines इस प्रकार हो सकती हैं: मोबाइल नंबर राशन कार्ड से लिंक होना जरूरी। समय पर e-KYC पूरा होना चाहिए। ई-रुपी का उपयोग सिर्फ अधिकृत मशीन या दुकान पर होगा। सरकार की कोशिश है कि घटतौली, फर्जी एंट्री और अनियमितताओं पर रोक लगे।

Online Process कितना आसान होगा?

नई व्यवस्था को user-friendly बनाने पर जोर है। ऐप के जरिए बैलेंस देख सकेंगे। OTP से भुगतान की पुष्टि होगी। मशीन से सीधे अनाज वितरण होगा। सरकार का दावा है कि यह online process पारदर्शिता बढ़ाएगा और government benefits सही व्यक्ति तक पहुंचेंगे।

क्या सच में खत्म होगी घटतौली?

आज भी कई जगहों पर कम तौल या अनियमितता की शिकायतें आती हैं। डिजिटल ट्रैकिंग से हर लेन-देन रिकॉर्ड होगा। अगर यह सिस्टम सही तरीके से लागू हुआ, तो राशन वितरण पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि अंतिम official announcement और लागू होने की तारीख का इंतजार अभी बाकी है।

निष्कर्ष

डिजिटल करेंसी के जरिए राशन वितरण की योजना यूपी में बड़ा बदलाव ला सकती है। बाराबंकी एक बार फिर राज्य में नई व्यवस्था का केंद्र बन सकता है। अब सबकी नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर है। अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो आने वाले समय में गरीबों को राशन लेने की प्रक्रिया पहले से कहीं आसान और पारदर्शी हो जाएगी।

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