UP Schools News: गर्मियों में बदली स्कूल टाइमिंग, बच्चों की सेहत के लिए जरूरी बदलाव

UP Schools News: गर्मियों में बदली स्कूल टाइमिंग, बच्चों की सेहत के लिए जरूरी बदलाव

उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र के साथ एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। latest update के अनुसार, बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूल अब गर्मियों में सिर्फ 5 घंटे ही संचालित होंगे। इस फैसले का मकसद बच्चों को भीषण गर्मी से राहत देना है।

2. क्यों लिया गया यह फैसला?

पिछले कुछ सालों में आपने भी महसूस किया होगा कि गर्मी पहले से ज्यादा तेज हो गई है। दोपहर की धूप में स्कूल से घर लौटते बच्चों की हालत अक्सर खराब हो जाती थी।

official details के मुताबिक:

दोपहर 2 बजे छुट्टी होने से बच्चे तेज धूप में घर लौट रहे थे

अभिभावकों ने भी इस पर लगातार चिंता जताई

ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी ने समस्या और बढ़ा दी

इन्हीं कारणों से सरकार ने पुराने सिस्टम पर लौटने का फैसला लिया है।

3. नई टाइमिंग क्या हो सकती है?

important guidelines के तहत स्कूलों का समय अब इस तरह तय किया जा सकता है:

सुबह 7 बजे से 12 बजे तक

या

सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक

यानी कुल मिलाकर 5 घंटे की पढ़ाई, जो बच्चों के लिए ज्यादा आरामदायक मानी जा रही है।

4. पहले क्या था नियम?

अगर थोड़ा पीछे देखें, तो यह बदलाव नया नहीं है बल्कि पुराने सिस्टम की वापसी है।

2015 तक: 5 घंटे स्कूल (सुबह 7 से 12)

2016 के बाद: 8 से 1 बजे (फिर भी 5 घंटे)

2022 (कोरोना के बाद): समय बढ़ाकर 6 घंटे कर दिया गया

कोरोना के दौरान पढ़ाई का नुकसान पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया था, लेकिन अब हालात सामान्य होने के बाद टाइमिंग फिर से कम की जा रही है।

5. RTE नियम और सरकार का रुख

शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत भी यही eligibility guidelines तय हैं:

सर्दियों में 6 घंटे

गर्मियों में 5 घंटे

यानी यह बदलाव नियमों के अनुरूप ही है और बच्चों के हित में लिया गया फैसला माना जा रहा है।

6. बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा?

सीधी बात—कम समय, कम थकान।

तेज गर्मी, लू और सीमित सुविधाओं के बीच लंबे समय तक स्कूल में रहना बच्चों के लिए मुश्किल होता है। कई स्कूलों में अभी भी पंखे, ठंडा पानी या शेड जैसी बेसिक सुविधाएं पूरी नहीं हैं।

ऐसे में यह फैसला एक तरह से बच्चों के लिए government benefits जैसा ही है, जिससे उनकी सेहत और पढ़ाई दोनों बेहतर हो सकती हैं।

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