UP Solar Latest Update 2026: गुजरात पीछे, क्या अब नंबर 1 बनेगा उत्तर प्रदेश?
सौर ऊर्जा में यूपी की बड़ी छलांग, गुजरात पीछे… अब महाराष्ट्र से सीधी टक्कर उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। इस बार बात राजनीति या जनसंख्या की नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा की है। latest update के मुताबिक, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने में यूपी देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच राज्य में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की रफ्तार इतनी तेज रही कि गुजरात भी पीछे छूट गया। अब मुकाबला सीधे महाराष्ट्र से है।
क्या कहती हैं Official Details?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यूपी में घरेलू रूफटॉप सोलर प्लांट की मासिक स्थापना में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जिला-वार मॉनिटरिंग, सख्त निगरानी और समय पर सब्सिडी ने बड़ा फर्क डाला है। सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जा रही है। यही पारदर्शिता लोगों का भरोसा बढ़ा रही है। आवेदन प्रक्रिया भी आसान हुई है। online process को सरल बनाने से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में भागीदारी बढ़ी है।
गुजरात को पीछे छोड़ने की वजह क्या है?
सौर ऊर्जा में लंबे समय तक गुजरात आगे रहा। लेकिन इस बार यूपी की रणनीति अलग दिखी। प्रभावी सौर नीति जिला-स्तर पर लगातार समीक्षा तेज़ सब्सिडी ट्रांसफर स्पष्ट important guidelines इन कदमों ने योजना को जमीन पर उतार दिया। परिणाम सामने है।
इन 10 जिलों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी
लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, प्रयागराज, आगरा, झांसी, रायबरेली, शाहजहांपुर और सहारनपुर जैसे जिलों ने सबसे ज्यादा इंस्टॉलेशन दर्ज किए। इन शहरों में लोग अब छत को खाली जगह नहीं, बल्कि “बिजली पैदा करने वाली संपत्ति” मानने लगे हैं। कई परिवारों का कहना है कि बिजली बिल में राहत साफ दिखने लगी है। यही असली बदलाव है।
Eligibility और कैसे करें आवेदन?
सरकार की official announcement के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले सकते हैं। Eligibility के लिए जरूरी है घर की छत पर पर्याप्त जगह वैध बिजली कनेक्शन निर्धारित क्षमता के अनुसार आवेदन आवेदन का online process बेहद आसान है। संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और इंस्टॉलेशन एजेंसी का चयन करें। सब्सिडी सीधे खाते में आ जाएगी।
सरकार के लिए क्यों है यह अहम?
इस योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सफलता का मतलब है पारंपरिक बिजली संयंत्रों पर कम दबाव कार्बन उत्सर्जन में कमी लंबे समय में बिजली बिल से राहत आम लोगों को सीधे government benefitsऊर्जा आत्मनिर्भरता अब सिर्फ नारा नहीं लगती। यह धीरे-धीरे जमीन पर दिखने लगी है।
निष्कर्ष
यूपी की यह उपलब्धि सिर्फ रैंकिंग का खेल नहीं है। यह संकेत है कि लोग अब सौर ऊर्जा को गंभीरता से अपना रहे हैं। अगर यही रफ्तार रही, तो आने वाले महीनों में नंबर वन की कुर्सी भी दूर नहीं। छत पर सोलर पैनल अब भविष्य की बात नहीं, वर्तमान की हकीकत बन चुका है।