उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था, सभी जिलों में लागू

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था, सभी जिलों में लागू

उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh के परिषदीय स्कूलों School में पढ़ाई को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। बेसिक शिक्षा परिषद basic shiksha parishad के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में अब एक जैसी समय सारिणी timetable की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

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क्यों बदली गई व्यवस्था

अब तक सभी स्कूलों school में प्रेरणा पोर्टल Prerna Portal के माध्यम से एक समान समय सारिणी time-table लागू की जाती थी। लेकिन कई विद्यालयों vidyalaya में शिक्षकों Teacher’s की कमी या अनुपस्थिति के कारण पढ़ाई बाधित होती थी। इसी समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग vibhag ने यह लचीली व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि हर स्कूल School अपनी जरूरत के अनुसार पढ़ाई का बेहतर संचालन कर सके।

स्कूल स्तर पर होगा निर्णय

नई व्यवस्था के तहत विद्यालय vidyalaya के प्रधानाध्यापक headmaster या इंचार्ज प्रधानाध्यापक ही कक्षा और विषय के अनुसार टाइम टेबल तय करेंगे। शिक्षकों Teacher’s की उपलब्धता के आधार पर कक्षाओं class का विभाजन और पढ़ाने की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाएगी, जिससे कोई भी कक्षा खाली न रहे।

पीरियड की समय सीमा तय

हालांकि टाइम टेबल time’ table में लचीलापन दिया गया है, लेकिन पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। प्रत्येक पीरियड Period की अवधि 40 मिनट minutes होगी। कक्षा class की शुरुआत पिछले पाठ की पुनरावृत्ति से होगी, इसके बाद विषय की पढ़ाई और अंत में पुनः संक्षेप में समझाया जाएगा, ताकि छात्रों की समझ मजबूत हो सके।

मुख्य विषयों पर विशेष जोर

प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में भाषा और गणित के अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है, जबकि उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों vidyalaya में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान का प्रतिदिन कम से कम एक पीरियड अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करना है।

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