Voltas Share Latest Update: 52-Week High के बाद कितना जाएगा भाव? जानें अगला टारगेट
Voltas Limited में गर्मी से पहले तेज हलचल, 52-वीक हाई के बाद अगला टारगेट क्या?
गर्मी अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई। लेकिन बाजार ने पहले ही संकेत दे दिए हैं।टाटा ग्रुप की कंपनी Voltas Limited के शेयरों में फरवरी की शुरुआत से ही जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। 12 फरवरी के कारोबारी सत्र में शेयर ने 52-सप्ताह का नया हाई छू लिया। इंट्रा-डे में यह करीब ₹1546 तक पहुंचा। ओपनिंग ₹1502 पर हुई थी और दिन के अंत में लगभग 2% की बढ़त के साथ ₹1535 के आसपास बंद हुआ।
यह सिर्फ एक दिन की उछाल नहीं है। यह निवेशकों के भरोसे की झलक भी है।
फरवरी में रिटर्न का रिकॉर्ड: क्या फिर दोहराएगा इतिहास?
मार्केट ऑब्जर्वेशन कहता है कि वोल्टास के शेयर अक्सर फरवरी–मार्च में एक्टिव हो जाते हैं। वजह साफ है — गर्मी का सीजन। AC कंपनियों के लिए यह वही समय है जब डिमांड की उम्मीदें बढ़ती हैं। जैसे ही मौसम का पारा चढ़ने लगता है, स्टॉक का मूड भी बदल जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहा है।
तेजी की असली वजह क्या है?
1️⃣ संभावित डिमांड बूस्ट
गर्मी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना हो तो AC की बिक्री तेज हो सकती है। बाजार पहले ही इस अनुमान को कीमत में शामिल कर रहा है।
2️⃣ मजबूत ब्रांड पोजिशन
Voltas देश के प्रमुख AC ब्रांड्स में गिना जाता है। रिटेल नेटवर्क और ब्रांड ट्रस्ट इसे बढ़त देते हैं।
3️⃣ लागत में स्थिरता
कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता मार्जिन सुधारने में मदद कर सकती है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार स्टॉक फिलहाल अपट्रेंड में है।
चार्ट पर “Higher High – Higher Low” पैटर्न दिख रहा है। हालिया ब्रेकआउट के बाद पुराना रेजिस्टेंस अब सपोर्ट की तरह काम कर सकता है।
₹1520–₹1550 का ज़ोन फिलहाल अहम लेवल माना जा रहा है।अगर वॉल्यूम सपोर्ट करता है तो आगे की रैली से इनकार नहीं किया जा सकता।
Latest Update: निवेशकों के लिए क्या संकेत?
52-वीक हाई अक्सर पॉजिटिव सेंटिमेंट दिखाता है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में रिकवरी के संकेत हैं
डिमांड बढ़ी तो कंपनी के Q1 नतीजे मजबूत आ सकते हैं।हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए
निवेश से पहले official details और कंपनी की ताजा अपडेट जरूर देखें।
निवेश से पहले ध्यान रखने वाली Important Guidelines सिर्फ सीजनल ट्रेंड देखकर फैसला न लें। कंपनी के फंडामेंटल्स और तिमाही नतीजों पर नजर रखें। टेक्निकल लेवल पर स्टॉप लॉस तय करें।
लंबी अवधि की रणनीति साफ रखें।
शेयर बाजार में मौके मिलते हैं, लेकि