UP Cabinet Decision: अब शिक्षकों-कर्मचारियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

UP Cabinet Decision: अब शिक्षकों-कर्मचारियों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। ताजा latest update के अनुसार, मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कैशलेस इलाज बीमा योजना में शामिल करने को मंजूरी दे दी गई है।

इस official announcement के बाद अब प्रदेश के लाखों शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य भी बिना नकद भुगतान के इलाज की सुविधा ले सकेंगे। माना जा रहा है कि यह फैसला लंबे समय से उठ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

2. किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ? (Eligibility Details)

सरकार के इस निर्णय से उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई वर्गों को फायदा मिलेगा। योजना के तहत निम्न लोग शामिल होंगे:

सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों के शिक्षक

स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक

राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षक

शिक्षणेत्तर कर्मचारी

इन सभी के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इस योजना के दायरे में आएंगे। यानी अब इलाज के समय जेब से भुगतान करने की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी।

3. कितना मिलेगा कैशलेस इलाज? (Government Benefits)

सरकार की इस योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

यह सुविधा केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया जा सकेगा। इलाज की दरें केंद्र सरकार की Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मानकों के अनुसार तय की जाएंगी।

सरल शब्दों में कहें तो इलाज की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की कोशिश की गई है।

4. योजना पर कितना आएगा खर्च? (Official Details)

उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay के अनुसार, इस योजना से करीब 1,28,725 शिक्षक लाभान्वित होंगे।

प्रति शिक्षक लगभग ₹2479.70 का प्रीमियम खर्च होगा

कुल मिलाकर सरकार को करीब ₹31.92 करोड़ सालाना खर्च करना पड़ेगा

इस राशि की व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी।

5. योजना का संचालन कैसे होगा? (Important Guidelines)

इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा।

कुछ जरूरी important guidelines भी तय की गई हैं:

लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण हर साल 30 जून तक एजेंसी को देना होगा

यदि कोई व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा

इस व्यवस्था से डेटा और पात्रता की जांच भी आसान होगी।

6. लंबे समय से थी शिक्षकों की मांग

उच्च शिक्षा क्षेत्र के शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से इस तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे थे। कई शिक्षक संगठनों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि एडेड और स्ववित्तपोषित संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी समान government benefits मिलने चाहिए।

अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

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