प्रदेश को मिले 57 हजार नए सिपाही

प्रदेश को मिले 57 हजार नए सिपाही

​सीएम ने लखनऊ में नवचयनित 983 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड की ली सलामी प्रदेश में दस पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जिलों की पुलिस लाइन, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ हुई दीक्षांत परेड लखनऊ। प्रदेश को रविवार को करीब 57 हजार नए सिपाही मिले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी की पुलिस लाइन में नवचयनित 983 महिला सिपाहियों की पासिंग आउट परेड की सलामी ली। साथ ही रविवार को दस पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जिलों की पुलिस लाइन, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड का आयोजन हुआ।

​प्रदेश पुलिस को मिले करीब 57 हजार प्रशिक्षित सिपाहियों का सोमवार से व्यावहारिक प्रशिक्षण शुरू होगा। सभी सिपाहियों को उनकी नियुक्ति वाले कमिश्नरेट और जिलों में रवाना कर दिया गया है। इनमें 12 हजार से अधिक महिला सिपाही हैं। 15 जून 2025 को 60244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण शुरू हुआ था।

​सीएम ने नवचयनित सिपाहियों को संदेश देते हुए कहा कि अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है।

​”अब यूपी में दंगे नहीं होते। सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता। गुंडा टैक्स और अवैध वसूली पर विराम लग चुका है। यहां की पुलिस देश में मॉडल और स्मार्ट है। अपराधियों के मन में भय है और पुलिस का मनोबल ऊपर है।”

— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

​नागरिकों के लिए संवेदनशील रहे पुलिस : योगी

​लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षियों को बधाई देते हुए कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अब सभी को जिलों की फील्ड ड्यूटी में जाना है। इसलिए ये ध्यान रखना चाहिए कि कानून अपराधियों के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि सभी महिला सिपाही निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।

​सीएम ने कहा कि पहले प्रदेश की छवि अराजकता व अस्थिरता की थी, लेकिन अब स्पष्ट नीति-नीयत का परिणाम दिखाई दे रहा है।

​2017 के पहले के दौर का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था। कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी पुलिस अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है।

​सीएम ने कहा, प्रदेश में महिला पुलिस बल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है। प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है।

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