जनगणना 2027 : एक ही रसोई से भोजन लेने वाले असंबंधित लोगों को माना जाएगा ‘संस्थागत परिवार’

जनगणना 2027 : एक ही रसोई से भोजन लेने वाले असंबंधित लोगों को माना जाएगा ‘संस्थागत परिवार’

Prayagraj। देश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया तेज हो गई है। इन दिनों स्व-गणना (Self Enumeration) का कार्य चल रहा है और लोग घर बैठे ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। प्रयागराज मंडल के चार जिलों में अब तक करीब 12 हजार लोगों ने स्व-गणना पूरी कर ली है। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से 21 जून तक मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य शुरू होगा।

ऐसे होगी मकानों की गणना

जनगणना के पहले चरण में मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इस दौरान जेल, वृद्धाश्रम, अनाथालय, बालगृह, आश्रम, मठ-मंदिर, हॉस्टल, बोर्डिंग हाउस, मेस, होटल और बचावगृह जैसे स्थानों में रहने वाले लोगों को “संस्थागत परिवार” की श्रेणी में रखा जाएगा।

जनगणना अधिकारियों के अनुसार, ऐसे लोग जो किसी संस्था या संस्थान में रहते हैं और एक ही रसोई से भोजन प्राप्त करते हैं, उन्हें संस्थागत परिवार माना जाएगा, भले ही वे आपस में रिश्तेदार न हों।

पीजी होम में रहने वालों पर भी लागू होगा नियम

जनगणना अधिनियम के तहत यदि कोई पेइंग गेस्ट (PG) होम पंजीकृत है और वहां रहने वाले लोग एक ही रसोई से भोजन लेते हैं, तो उन्हें भी संस्थागत परिवार की श्रेणी में गिना जाएगा। इससे शहरों में रहने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों की गणना व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

बेघर परिवारों की गणना अलग तरीके से होगी

बेघर परिवारों के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे लोग जो फुटपाथ, सड़क किनारे, रेलवे प्लेटफॉर्म, फ्लाईओवर के नीचे, ह्यूम पाइप या खुले स्थानों में रहते हैं, उन्हें मकान सूचीकरण चरण में शामिल नहीं किया जाएगा। उनकी गणना अलग प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

21 मई तक कर सकते हैं स्व-गणना

जिला जनगणना अधिकारी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि नागरिक 21 मई तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से पंजीकरण करना होगा।

ओटीपी सत्यापन के बाद नागरिकों को भाषा और जिले का चयन करना होगा। फिर मैप पर अपने घर की लोकेशन मार्क करनी होगी और मकान व परिवार से जुड़े सवालों के जवाब भरने होंगे।

घर बैठे देने होंगे 33 सवालों के जवाब

स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिक हिंदी या अंग्रेजी भाषा में 33 प्रश्नों के उत्तर देकर अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, आयु, शिक्षा, रोजगार, मकान की स्थिति और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां शामिल होंगी।

क्यों जरूरी है जनगणना?

जिला प्रशासन के अनुसार जनगणना केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बड़ा आधार होती है। इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं, बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी नीतियां तैयार करती है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना 2027 में सक्रिय भागीदारी करें और समय रहते अपनी स्व-गणना पूरी करें, ताकि सही आंकड़े तैयार किए जा सकें।

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