कार्रवाई के घेरे में 104 खंड शिक्षाधिकारी, स्कूलों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित

कार्रवाई के घेरे में 104 खंड शिक्षाधिकारी, स्कूलों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षाधिकारियों (BEO) की कमी और उन पर चल रही विभागीय कार्रवाई का असर अब विद्यालयों की व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। विभाग में 1031 स्वीकृत पदों के मुकाबले इस समय केवल 859 बीईओ कार्यरत हैं, जबकि 172 पद अभी भी खाली पड़े हैं। वहीं 104 खंड शिक्षाधिकारी विभिन्न मामलों में कार्रवाई के दायरे में हैं।

इनमें 15 अधिकारी फिलहाल निलंबित चल रहे हैं, जबकि 89 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई जारी है। लगातार बढ़ रही कमी के कारण कई बीईओ को दो या उससे अधिक विकासखंडों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। इससे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विद्यालयों के निरीक्षण और शिक्षण गुणवत्ता की निगरानी भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में निरीक्षण कम होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शिक्षकों की उपस्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन और पढ़ाई की गुणवत्ता पर इसका असर पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर बीईओ पर काम का दबाव इतना बढ़ गया है कि नियमित मॉनिटरिंग संभव नहीं हो पा रही है।

बीईओ के खिलाफ जिन आरोपों में कार्रवाई चल रही है, उनमें वित्तीय अनियमितता, कार्य में लापरवाही, शासन के निर्देशों की अनदेखी, जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों द्वारा ट्रैप किए जाने जैसे मामले शामिल हैं। कई मामलों की जांच पिछले दो वर्षों से लंबित है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।

जिन जिलों में निलंबन और जांच की कार्रवाई चल रही है, उनमें बलिया, झांसी, प्रयागराज, पीलीभीत, सहारनपुर, हापुड़, कन्नौज, मऊ, शाहजहांपुर, कासगंज, जालौन, कानपुर नगर और रामपुर प्रमुख हैं।

दूसरी ओर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी फिलहाल अटकी हुई है। विभाग की संशोधित नियमावली शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है। शासन से अनुमोदन मिलने के बाद ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेगा।

Leave a Comment