जनगणना-2027 को लेकर सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्व-गणना अभियान की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए और लोगों को इसमें भाग लेने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों की नींव होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बताया गया कि प्रदेश में 22 मई से हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन शुरू होगा। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, चार्ज ऑफिसर्स और एन्यूमरेटरों का प्रशिक्षण तेजी से कराया जा रहा है। जिन जिलों में मैपिंग या प्रशिक्षण कार्य लंबित है, वहां युद्धस्तर पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर आगरा, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बरेली जैसे नगर निगम क्षेत्रों में तैयारियों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सोनभद्र, औरैया, मुरादाबाद, आजमगढ़, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मैनपुरी, भदोही, बरेली और श्रावस्ती जनगणना तैयारियों में प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में तकनीकी सहायकों और फील्ड स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि डिजिटल मैपिंग और हाउस नंबरिंग का कार्य प्रभावित न हो।
इसके साथ ही “नो योर एन्यूमरेटर” अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत जिलों की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप समूहों पर एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी ताकि लोगों को अपने क्षेत्र के गणना कर्मियों की जानकारी आसानी से मिल सके। शासन चाहता है कि स्व-गणना अभियान में स्वतंत्रता सेनानियों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो, जिससे आम जनता में जागरूकता और भरोसा बढ़ सके।