शिक्षामित्रों की नौकरी में बड़ा बदलाव! अब 62 साल तक सेवा देने की तैयारी? यूपी के 23 जिलों के BSA से मांगी गई रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के लिए एक और बड़ी राहत की संभावना बनती दिख रही है। हाल ही में मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किए जाने के बाद अब उनकी सेवा अवधि यानी रिटायरमेंट आयु बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवा अवधि 60 वर्ष निर्धारित है, लेकिन लंबे समय से इसे बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग उठाई जा रही है। इसी मांग को लेकर शासन को मिले विभिन्न प्रत्यावेदन और पत्रों के आधार पर अब राज्य परियोजना कार्यालय ने कई जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि संयुक्त सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-5 की ओर से इस विषय में कई पत्र भेजे गए थे। इन पत्रों के साथ शिक्षामित्रों की सेवा अवधि 62 वर्ष किए जाने की मांग से जुड़े प्रत्यावेदन भी संलग्न थे। शासन ने संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए तत्काल आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद औरैया, बस्ती, बलिया, ललितपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मुरादाबाद, जौनपुर, बिजनौर, महाराजगंज, बदायूं, फिरोजाबाद, मऊ, उन्नाव, लखनऊ, मथुरा, रायबरेली, गोंडा, अंबेडकर नगर, हाथरस, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हमीरपुर समेत 23 जिलों के बीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है।
शासन स्तर पर लगातार हो रहे पत्राचार से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। माना जा रहा है कि यदि शासन सकारात्मक निर्णय लेता है, तो हजारों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को दो वर्ष अतिरिक्त सेवा का लाभ मिल सकता है।