NEET पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा: रिटायरमेंट से पहले फिजिक्स टीचर सस्पेंड, अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में महाराष्ट्र की एक सीनियर फिजिक्स टीचर की गिरफ्तारी ने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर दिया है। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध स्कूल सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला ने अपनी सीनियर फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने NEET परीक्षा के फिजिक्स पेपर से जुड़े सवाल लीक किए थे। खास बात यह है कि मनीषा 30 जून 2026 को रिटायर होने वाली थीं, लेकिन रिटायरमेंट से ठीक पहले उनका नाम देश के सबसे चर्चित परीक्षा घोटाले में सामने आ गया।
स्कूल प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीर माना है। स्कूल के सचिव डॉ. सतीश गावड़े ने कहा कि मनीषा हवलदार वर्ष 1992 से संस्थान में फिजिक्स पढ़ा रही थीं और उनके पास MSc तथा BEd जैसी शैक्षणिक डिग्रियां हैं। उन्होंने इस घटना को छात्रों, संस्थान और पूरे देश के साथ विश्वासघात बताया। साथ ही स्कूल ने मामले की आंतरिक जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी भी गठित कर दी है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि मनीषा NEET परीक्षा प्रक्रिया से कैसे जुड़ीं और उन्हें किस आधार पर नियुक्त किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, मनीषा हवलदार को NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के रूप में शामिल किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्हें फिजिक्स के प्रश्नपत्र तक पहुंच प्राप्त थी। आरोप है कि अप्रैल 2026 में उन्होंने फिजिक्स के कुछ महत्वपूर्ण सवाल दूसरी आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। इसके बाद यह पेपर कई लोगों तक पहुंचा और परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक होने की आशंका सामने आई।
3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबरों ने देशभर में हड़कंप मचा दिया था। लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। जांच के दौरान कई राज्यों से आरोपी गिरफ्तार किए गए। अब तक इस मामले में कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 7 आरोपी महाराष्ट्र से हैं। इसके अलावा दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर जैसे शहरों से भी गिरफ्तारी हुई है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
NTA के अनुसार NEET-UG 2026 परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के कुछ दिनों बाद 7 मई की शाम को पेपर लीक और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं। मामला गंभीर होने पर जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई। आखिरकार 12 मई को NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की।
इस बीच NTA ने छात्रों को राहत देते हुए फीस रिफंड के लिए विशेष पोर्टल भी शुरू किया है। एजेंसी ने बताया कि जिन छात्रों की परीक्षा रद्द हुई है, वे 22 मई से 27 मई 2026 रात 11:50 बजे तक अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। इसके बाद परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। लाखों छात्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे क्योंकि परीक्षा रद्द होने से उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ी।
इस पूरे मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ मानी जा रही हैं। मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भरोसा टूटता नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
फिलहाल NEET पेपर लीक केस देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर नई गिरफ्तारी के साथ जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में किसी छात्र की मेहनत और सपनों के साथ खिलवाड़ न हो सके।