बड़ी खुशखबरी! कैशलेस इलाज योजना में आयुष सेवाएं भी होंगी शामिल, सीएम योगी का बड़ा आदेश
उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना को और अधिक व्यापक बनाने के निर्देश दिए हैं। अब इस योजना के तहत आयुष पद्धतियों की चिकित्सा सेवाओं को भी शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों की आईपीडी सेवाओं को भी कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल किया जाए, ताकि कर्मचारियों को उपचार के अधिक विकल्प मिल सकें।
अस्पतालों में बेहतर होंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार होना चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और विशेषज्ञ मानव संसाधनों से सशक्त बनाने पर जोर दिया।
साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई जाए और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उनका मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में अनुसंधान और नवाचार से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
आशा वर्करों का भुगतान समय पर करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आशा वर्करों का मानदेय लंबित नहीं रहना चाहिए।
इसके अलावा हेल्थ एटीएम सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती महिला तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचनी चाहिए।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देकर स्वास्थ्य संकेतकों में और सुधार किया जाए।
गोरखपुर, अयोध्या, सहारनपुर और कानपुर को मिलेंगी नई स्वास्थ्य परियोजनाएं
बैठक में आगामी महीनों में प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
परियोजना स्थान
बहुमंजिला गर्ल्स हॉस्टल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज
110 बेड ट्रॉमा सेंटर अयोध्या मेडिकल कॉलेज
बीएससी नर्सिंग कॉलेज सहारनपुर मेडिकल कॉलेज
मानसिक रोग विभाग विस्तार एवं डी-एडिक्शन वार्ड कानपुर मेडिकल कॉलेज
इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अस्पतालों में नहीं रखी जाएंगी एक्सपायरी के करीब दवाएं
मुख्यमंत्री ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ऐसी दवाएं नहीं होनी चाहिए जिनकी एक्सपायरी अवधि तीन महीने से कम बची हो।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसी दवाओं को समय रहते बदलकर नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम होगा और बेहतर
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना या गंभीर स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए मरीज तक समय पर सहायता पहुंचना जरूरी है।
साथ ही एम्बुलेंस संचालकों के भुगतान को भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संविदा एमबीबीएस डॉक्टरों का बढ़ सकता है मानदेय
बैठक में मुख्यमंत्री ने संविदा पर कार्यरत एमबीबीएस चिकित्सकों के मानदेय में वृद्धि करने की आवश्यकता भी जताई। उनका कहना था कि बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलने पर अधिक योग्य डॉक्टर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ेंगे, जिससे आम जनता को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों का संतुलन जरूरी है। जब ये तीनों तत्व एक साथ काम करेंगे तभी जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर और मजबूत होगा।
राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष सेवाओं को शामिल करने का निर्णय लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इससे उन्हें अपनी पसंद की चिकित्सा पद्धति के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने का रास्ता खुल जाएगा।