LPG Price Hike 2026 : गैस सिलेंडर फिर महंगा! जानिए आम परिवार की जेब पर पड़ेगा कितना असर 

LPG Price Hike 2026 : गैस सिलेंडर फिर महंगा! जानिए आम परिवार की जेब पर पड़ेगा कितना असर 

घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत में हाल ही में हुई 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद आम लोगों के किचन बजट पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को अभी भी गैस सिलेंडर पर बड़ी राहत मिल रही है, लेकिन दूसरी ओर कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी में बदलाव से कई परिवारों का खर्च बढ़ने वाला है।

ऐसे में सवाल यह है कि यदि कोई परिवार सालभर में 12 गैस सिलेंडर का उपयोग करता है तो उसके खर्च में वास्तव में कितनी बढ़ोतरी होगी? आइए पूरा गणित समझते हैं।

सरकार का दावा: हर सिलेंडर पर मिल रही है बड़ी राहत | LPG Price Hike 2026

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक है, जबकि उपभोक्ताओं को यह लगभग 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार का दावा है कि आम उपभोक्ताओं को प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये की राहत मिल रही है। इस हिसाब से यदि कोई परिवार साल में 12 सिलेंडर उपयोग करता है, तो उसे लगभग 8,400 रुपये का अप्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को कितना फायदा?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाती है। सरकार के अनुसार इससे लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर लगभग 1,000 रुपये तक का कुल लाभ मिलता है।

यदि कोई उज्ज्वला लाभार्थी साल में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करे, तो सैद्धांतिक रूप से उसे करीब 12,000 रुपये तक की राहत मिल सकती है।

आम परिवार का सालाना किचन बजट कितना बढ़ेगा?

साल 2026 में एलपीजी कीमतों में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए एक सामान्य परिवार के खर्च में वृद्धि का अनुमान लगाया जा सकता है।

यदि परिवार सालभर में 12 सिलेंडर उपयोग करता है और गैस दरों में आगे कोई बदलाव नहीं होता, तो पूरे वर्ष में लगभग 803 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। यानी हर महीने थोड़ा-थोड़ा बढ़ा खर्च साल के अंत तक एक बड़ी राशि में बदल जाता है।

उज्ज्वला लाभार्थियों को क्यों लग सकता है ज्यादा झटका?

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए स्थिति थोड़ी अलग है। एक ओर उन्हें सब्सिडी का लाभ मिलता है, वहीं दूसरी ओर सब्सिडी की सीमा में बदलाव का असर भी पड़ सकता है।

नई व्यवस्था के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में 300 रुपये की सब्सिडी केवल पहले चार रिफिल तक सीमित रहेगी। पहले अधिक संख्या में सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ मिलता था, लेकिन अब यह दायरा घट गया है।

इस बदलाव के कारण कुछ लाभार्थियों को सालभर में लगभग 1,500 रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक प्रभाव महसूस हो सकता है।

उज्ज्वला परिवार पर कुल कितना अतिरिक्त बोझ? | LPG Price Hike 2026

यदि कोई उज्ज्वला लाभार्थी सालभर में 12 सिलेंडर उपयोग करता है, तो उसे गैस कीमतों में वृद्धि के कारण लगभग 803 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। वहीं सब्सिडी के दायरे में बदलाव का असर भी अलग से पड़ सकता है।

इस तरह कुल प्रभाव लगभग 2,300 रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है, हालांकि वास्तविक राशि उपभोक्ता के उपयोग और स्थानीय कीमतों पर निर्भर करेगी।

सरकार ने ₹29 की बढ़ोतरी को बताया मामूली

सरकार का कहना है कि हालिया 29 रुपये की वृद्धि का असर सीमित है। मंत्रालय के अनुसार यदि कोई परिवार साल में 12 सिलेंडर उपयोग करता है, तो यह बढ़ोतरी औसतन प्रतिदिन लगभग 1 रुपये के बराबर बैठती है।

सरकार का तर्क है कि मौजूदा राहत और सब्सिडी व्यवस्था को देखते हुए उपभोक्ताओं पर कुल प्रभाव अपेक्षाकृत कम है।

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर हर परिवार के किचन बजट पर पड़ता है। सरकार जहां उपभोक्ताओं को मिल रही राहत और सब्सिडी को प्रमुखता से बता रही है, वहीं आम लोगों के लिए वास्तविक चिंता उनकी जेब से निकलने वाले अतिरिक्त खर्च की है। सालभर में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले परिवारों को बढ़ी हुई कीमतों का असर जरूर महसूस हो सकता है, खासकर उन परिवारों को जो नियमित रूप से गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं।

 

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