नए शैक्षिक सत्र के लिए योगी सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान, स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग को दिए दिशा-निर्देश

नए शैक्षिक सत्र के लिए योगी सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान, स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग को दिए दिशा-निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh में शिक्षा shiksha व्यवस्था अब केवल कागजी योजनाओं और फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर अब जमीन पर दिखने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ CM Yogi adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार Government नए शैक्षिक सत्र 2026-27 को एक नई ऊर्जा, बेहतर प्रबंधन और विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के साथ शुरू करने की व्यापक तैयारियों में जुट गई है।सरकार Government का स्पष्ट लक्ष्य है कि ग्रीष्मावकाश खत्म होने और विद्यालय खुलने से पहले स्कूलों में सुरक्षित, समृद्ध और परिणाममुखी शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह से तैयार कर लिया जाए। प्रदेश के लाखों lakho बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा विभाग shiksha vibhag को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

विद्यालय खुलने से पहले दुरुस्त होगा ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर’

नए सत्र में बच्चों के स्वागत के लिए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत स्कूलों school की तस्वीर बदली जा रही है। सरकार Government ने सख्त निर्देश दिए हैं कि विद्यालय vidyalaya खुलने से पूर्व पेयजल, निर्बाध विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय (विशेषकर छात्राओं के लिए) और परिसर की साफ-सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। दिव्यांग बच्चों के लिए सुगम वातावरण बनाने के साथ-साथ जर्जर भवनों को चिह्नित कर बच्चों के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया है।

शिक्षकों के कल्याण और सहूलियत पर सरकार का फोकस

बेहतर शिक्षा shiksha के लिए शिक्षकों Teacher’s का तनावमुक्त होना जरूरी है। इसी विजन के साथ योगी सरकार शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों Teacher’s और कर्मचारियों karmchariyon के कल्याण को भी प्राथमिकता दे रही है। सभी संबंधित कार्मिकों का कैशलेस चिकित्सा कार्ड Card पंजीकरण तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, लंबित वित्तीय देयों के भुगतान और बेसिक शिक्षा परिषद basic shiksha parishad के शिक्षकों Teacher’s के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।

शत-प्रतिशत नामांकन और पठन संस्कृति को बढ़ावा

कोई भी बच्चा शिक्षा shiksha से वंचित न रहे, इसके लिए आउट ऑफ स्कूल School बच्चों और नए प्रवेशार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। किताबी ज्ञान के अलावा बच्चों के समग्र बौद्धिक विकास के लिए स्कूलों school में लाइब्रेरी के प्रभावी उपयोग, समाचार-पत्र पढ़ने की आदत और बच्चों को स्वयं लेखन व अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निपुण भारत’ और ‘पीएम पोषण’ से मजबूत होगी नींव

प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की नींव मजबूत करने के लिए 3 से 6 वर्ष Year के बच्चों के लिए ‘बालवाटिका’ और ईसीसीई (ECCE) गतिविधियों को नई गति दी जा रही है। इसके लिए एआरपी ARP और एजुकेटर Educater चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। वहीं, बच्चों को कुपोषण से बचाने और उन्हें प्रकृति से जोड़ने के लिए ‘पीएम पोषण योजना’ के तहत विद्यालय परिसरों में ‘किचन गार्डन’ kitchen garden विकसित किए जाएंगे, जहां स्थानीय सब्जियां vegetable उगाई जाएंगी।

जनांदोलन बनेगा ‘नव भारत साक्षरता अभियान’

शिक्षा shiksha को समाज के हर तबके तक पहुंचाने के लिए सरकार Government ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ को एक जनांदोलन का रूप दे रही है। प्रदेश के चिन्हित असाक्षरों (Illiterates) तक शिक्षा shiksha की रोशनी पहुंचाने के लिए वालंटियर्स, स्वयं सहायता समूहों के साथ-साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय मदद ली जाएगी।

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