शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में समायोजन के संबंध में प्रार्थना-पत्र
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, जनपद बुलंदशहर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अन्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों का उनके मूल विद्यालयों में समायोजन किए जाने की मांग की है। संघ का कहना है कि शासन द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में शीघ्र समायोजन किया जाए, जिससे शिक्षामित्रों को हो रही समस्याओं का समाधान हो सके।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, जनपद बुलंदशहर की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन द्वारा अन्य विद्यालयों में कार्यरत समस्त शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से अनुरोध किया गया है कि शासनादेश के अनुरूप शिक्षामित्रों की सूची जारी कर उन्हें उनके मूल विद्यालयों में समायोजित किया जाए।
संघ के अनुसार, वर्तमान में कई शिक्षामित्र अपने घर से लगभग 20 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के लिए मजबूर हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि मूल विद्यालय में समायोजन किया जाता है तो शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
संघ ने जताई उम्मीद
शिक्षामित्र संघ ने बीएसए से अनुरोध करते हुए कहा कि शिक्षामित्रों के हित में शीघ्र निर्णय लिया जाए। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगा और सभी पात्र शिक्षामित्रों का मूल विद्यालय में समायोजन सुनिश्चित करेगा।
प्रार्थना पत्र का विवरण
- संगठन: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, जनपद बुलंदशहर
- दिनांक: 29 जून 2026
- प्रेषित: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर
- विषय: शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में समायोजन किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र।
पत्र पर हस्ताक्षर
प्रार्थना पत्र पर प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं—
- सलीम खान – जिला महामंत्री
- राकेश चौधरी – जिला कोषाध्यक्ष
- संजय चौधरी – जिलाध्यक्ष
- दिनेश भाटी – प्रदेश उपाध्यक्ष (हस्ताक्षरित)
नोट: यह समाचार संगठन द्वारा बीएसए को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। समायोजन संबंधी अंतिम निर्णय संबंधित विभाग एवं शासन के आदेश के अनुसार ही प्रभावी होगा।
