जनगणना 2027: शिक्षकों को राहत! तैनाती अब घर के पास, DM का बड़ा आदेश
📌 आसान हुई जिम्मेदारी, बढ़ी राहत
अगर इसी तरह के आदेश हर जिले में लागू हो जाएं, तो जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की काफी परेशानी कम हो सकती है। इस बार प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है—तैनाती अब आसपास के क्षेत्रों में ही की जाएगी, ताकि बेवजह की भागदौड़ से बचा जा सके।
🏠 कब से शुरू होगा जनगणना कार्य?
भारत की जनगणना 2027 का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण और गणना 22 मई 2026 से शुरू होकर 20 जून 2026 तक चलेगा।
इससे पहले एक नया प्रयोग भी जोड़ा गया है—Self Enumeration (स्व-गणना)।
👉 इसकी अवधि 7 मई से 21 मई 2026 तक तय की गई है।
👉 इसमें आम लोग अपने मोबाइल से खुद ही पोर्टल पर जानकारी भर सकेंगे।
सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करें, ताकि प्रक्रिया तेज और आसान बने।

📊 प्रशासन की नई रणनीति
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश (02 मई 2026) में एक अहम व्यवस्था की गई है। इसके तहत:
हर जिले में अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है
एक अधिकारी को अधिकतम 10 पर्यवेक्षक सौंपे गए हैं
सभी को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी गई है
सबसे राहत भरी बात यह है कि
👉 पर्यवेक्षक और प्रगणक अब अपने तैनाती स्थल के आसपास ही लगाए जाएंगे
🚶♂️ क्यों जरूरी है यह फैसला?
पहले अक्सर ऐसा होता था कि कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों में भेज दिया जाता था। इससे समय, पैसा और मेहनत तीनों ज्यादा लगते थे।
अब पास में ड्यूटी मिलने से:
समय की बचत होगी
काम में फोकस बढ़ेगा
और तनाव भी कम रहेगा
📌 साफ निर्देश: क्षेत्र के पास ही मिले काम
सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि
पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को उनके नजदीकी HLV (House Listing & Validation) क्षेत्र ही आवंटित किए जाएं
किसी को भी अनावश्यक परेशानी न हो
और पूरा काम तय समय में पूरा हो सके

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