गर्मी में चार घंटे और सर्दी में पांच घंटे खोले जाएं विद्यालय : शिवशंकर सिंह

गर्मी में चार घंटे और सर्दी में पांच घंटे खोले जाएं विद्यालय : शिवशंकर सिंह

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश प्राथमिक संवर्ग ने प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के समय में बदलाव को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है। संगठन ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE-2009) के तहत शैक्षणिक घंटों को निर्धारित कर स्थायी विद्यालय समयावधि लागू करने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने कहा कि बाल मनोविज्ञान के अनुसार विद्यालय का समय बच्चों की आयु और उनके मानसिक व शारीरिक विकास की स्थिति पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि एक आदर्श समय-सारिणी बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। बच्चों की मानसिक ऊर्जा सीमित होती है, इसलिए लंबे समय तक स्कूल में रहना उनके लिए तनावपूर्ण हो सकता है।

प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने जानकारी दी कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अनुसार एक शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के कार्यदिवस और घंटों की संख्या निर्धारित की गई है।

  • कक्षा 1 से 5 तक: 200 कार्यदिवस और 800 घंटे
  • कक्षा 6 से 8 तक: 220 कार्यदिवस और 1000 घंटे

संगठन ने मांग की है कि ग्रीष्मकाल में विद्यालय का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक (4.5 घंटे) रखा जाए, जबकि शीतकाल में 5 घंटे का समय निर्धारित किया जाए। इससे प्रतिकूल मौसम में बार-बार समय परिवर्तन की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में एक ज्ञापन प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा विभाग और महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा गया है।

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