स्कूल से गायब होकर मॉरीशस में रह रही यूपी की शिक्षिका सस्पेंड, 2 और शिक्षकों पर भी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिक्षिका समेत तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कसाना ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर देहात में तैनात सहायक अध्यापिका रीता 22 सितंबर 2025 से लगातार बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित चल रही थीं। जांच में पता चला कि वह विभागीय अनुमति के बिना मॉरीशस में रह रही हैं।
बीएसए के अनुसार, स्पष्टीकरण मांगे जाने पर शिक्षिका ने अपने ससुर के माध्यम से जवाब भेजा। इसमें बताया गया कि वह 9 जुलाई 2021 से 11 जुलाई 2024 तक 1099 दिनों के अवैतनिक अवकाश पर थीं। इस दौरान उनके पति भारत सरकार के अधीन मॉरीशस में कार्यरत थे और छोटे बच्चों के कारण उनके साथ रहना आवश्यक था।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने विदेश जाने के लिए 29 अक्टूबर 2024 को आवेदन किया था, लेकिन वर्तमान में वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना विदेश में रह रही हैं। बीएसए ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद सचिव की अनापत्ति के बिना विदेश में रहने, बिना अवकाश के विद्यालय से अनुपस्थित रहने, अनुशासनहीनता और विभागीय छवि धूमिल करने के आरोप में शिक्षिका को निलंबित किया गया है।
विद्युत लाइन शिफ्टिंग का विरोध करने पर प्रधानाध्यापक सस्पेंड
कोतवाली ब्लॉक के संविलियन विद्यालय हरवंशपुर धारम में कुछ दिन पहले एक छात्र स्कूल के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आकर झुलस गया था। मामले की जांच में पता चला कि विद्युत विभाग की टीम 3 दिसंबर 2025 को लाइन शिफ्ट करने पहुंची थी, लेकिन प्रधानाध्यापक सलाहुद्दीन ने स्कूल का गेट बंद कर विरोध किया।
बीएसए ने बताया कि जूनियर इंजीनियर द्वारा फोन पर संपर्क किए जाने के बावजूद प्रधानाध्यापक ने लाइन शिफ्ट कराने से इनकार कर दिया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रधानाध्यापक सलाहुद्दीन को निलंबित कर दिया गया है।
बिना सूचना स्कूल से अनुपस्थित रहने पर शिक्षक निलंबित
हल्दौर खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक विद्यालय हल्दौर में तैनात सहायक अध्यापक लक्षराज को भी निलंबित कर दिया गया है। बताया गया कि वह 4 अप्रैल 2026 से लगातार बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे।
बीएसए के मुताबिक, नवंबर 2025 में विधानसभा नहटौर में लक्षराज की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगाई गई थी, लेकिन उन्होंने न तो संबंधित सामग्री प्राप्त की और न ही कोई कार्य किया। कई बार संपर्क और स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद शिक्षक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।