स्व गणना में गलती हुई तो 5 बार सुधार का मौका, जनगणना कर्मचारी आने पर भी बदल सकेंगे पूरा डाटा
देश में शुरू हुई डिजिटल जनगणना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ऑनलाइन स्व गणना करते समय कोई गलती हो जाए तो क्या होगा? अब इस चिंता को दूर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में शुरू हुई स्व जनगणना प्रक्रिया के तहत लोगों को अपनी जानकारी सुधारने के लिए एक-दो नहीं बल्कि पूरे पांच मौके दिए जाएंगे। खास बात यह है कि अगर इसके बाद भी कोई गलती रह जाती है तो जनगणना कर्मचारी के घर पहुंचने पर भी पूरा डाटा बदला जा सकेगा।
यह जानकारी शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर झण्डीवाले पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने दी। कार्यक्रम का शुभारंभ ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने किया। इस घोषणा के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि कई बार ऑनलाइन फॉर्म भरते समय छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं और बाद में परेशानी बढ़ जाती है।
21 मई तक खुद भर सकेंगे जनगणना फॉर्म
सरकार की ओर से शुरू की गई यह स्व गणना प्रक्रिया 7 मई से शुरू हो चुकी है। नागरिक 21 मई तक अपने भवन और परिवार से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके बाद 22 मई से जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर डाटा का सत्यापन करेंगे। यानी अगर किसी ने ऑनलाइन जानकारी भर दी है, तब भी कर्मचारी मौके पर जाकर उसकी जांच करेगा।
जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने साफ कहा कि यदि किसी व्यक्ति से ऑनलाइन जानकारी भरते समय कोई गलती हो जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। लोग अपनी त्रुटियों को पांच बार तक सुधार सकते हैं। यहां तक कि जब जनगणना कर्मचारी घर पहुंचेगा, तब भी परिवार अपनी जानकारी में बदलाव करा सकेगा। जरूरत पड़ने पर पूरा विवरण दोबारा भरा जा सकता है।
मुखिया का नाम भरते समय रखें विशेष सावधानी
हालांकि सरकार ने एक महत्वपूर्ण नियम भी साफ कर दिया है। परिवार के मुखिया का नाम एक बार दर्ज होने के बाद बदला नहीं जा सकेगा। इसलिए यह जानकारी बेहद सावधानी से भरनी होगी। अधिकारियों ने कहा कि उसी व्यक्ति का नाम मुखिया के रूप में दर्ज करें जो वास्तव में परिवार का प्रमुख है।
लिंक खोलते ही लोगों को यह जानकारी मिल जाएगी कि कौन-कौन से दस्तावेज और आंकड़े भरने हैं। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे पहले सभी जरूरी जानकारी तैयार रखें, ताकि फॉर्म भरने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
डिजिटल जनगणना से बदलेगी विकास की तस्वीर
कार्यक्रम में ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि डिजिटल जनगणना आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर तैयार करेगी। उन्होंने मंच से खुद अपने मकान की गणना कर अभियान की शुरुआत की। उनके साथ महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार और अन्य अधिकारियों ने भी अपने भवनों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया।
मंत्री ने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है और अब डिजिटल व्यवस्था लोगों की जिंदगी को आसान बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार की जनगणना में दिव्यांगों और जाति से जुड़े आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। इससे सरकार को योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी और जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं अधिक तेजी से पहुंच सकेंगी।
लोगों को मिल रही बड़ी राहत
पहले लोगों के मन में यह डर था कि अगर ऑनलाइन फॉर्म भरते समय कोई जानकारी गलत दर्ज हो गई तो उसे सुधारना मुश्किल होगा। लेकिन अब पांच बार संशोधन की सुविधा मिलने से आम लोगों को काफी राहत मिली है। खासकर ग्रामीण और बुजुर्ग लोगों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी मानी जा रही है।
डिजिटल जनगणना का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं है, बल्कि देश की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक तस्वीर तैयार करना भी है। सही डाटा के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकेगी।